नई दिल्ली. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सरकार समय पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले सैन्यकर्मियों के लिए वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना पर पुनर्विचार कर रही है. एक इंटरव्यू में पर्रिकर ने कहा कि एक सदस्यीय न्यायिक आयोग पेंशन को बराबर करने के मामले को भी देख सकता है.
 
‘पांच सालों में की जानी है पेंशनों की बराबरी’
वर्तमान में सरकार द्वारा घोषित ओआरओपी योजना के दायरे में समय पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले सैन्यकर्मी नहीं आते, जिसके कारण इसका विरोध हो रहा है. वर्तमान योजना के मुताबिक, पेंशनों की बराबरी प्रत्येक पांच सालों में की जानी है, जबकि पूर्व सैनिक ऐसा प्रत्येक साल करने की मांग कर रहे हैं. 
 
‘अमेरिका के फैसले से दुख पहुंचा’
मंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को एफ-16 विमान बेचे जाने के अमेरिका के फैसले से उन्हें ‘दुख’ पहुंचा है. इस कदम का भारत विरोध कर चुका है. रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का यकीन है कि 26/11 के मुंबई हमले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भी संलिप्तता थी. उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय पाकिस्तान से मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी के मामले को सैन्य अदालत को भेजने को कह सकता है.
 

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