पटना. कटिहार से दिल्ली आते वक्त ट्रेन में लापता हुए बिहार के कैप्टन शिखरदीप का पता चल गया है. वह फैजाबाद के कोतवाली नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे गए हैं. वे 6 फरवरी को कटिहार से दिल्ली जा रहे थे. तभी बीच रास्ते लापता हो गए थे. फैजाबाद पुलिस को कैप्टन ने बताया कि उन्हें किडनैप किया गया था. खिड़की तोड़कर वे किडनैपर्स के चंगुल से भागे. कैप्टन को आर्मी अफसर डोगरा रेजिमेंट सेंटर ले गए हैं.
 
वहीं परिजनों का कहना है कि छह फरवरी की रात तक कैप्टन से मोबाइल पर बात हुई थी. बरौनी रेल थाना प्रभारी आलोक प्रसाद ने कटिहार में रहने वाले कैप्टन के बहनोई जिम्मी प्रकाश के बयान के आधार पर शिखरदीप के लापता होने और किडनैप की आशंका की एक एफआईआर दर्ज की थी.
 
क्या है पूरा मामला?
शिखरदीप के अनुसार छह फरवरी को वह कटिहार से दिल्ली जा रहे थे लेकिन पटना में उनको किडनैप कर लिया गया. वह पटना रेलवे स्टेशन पर प्लटेफार्म पर पानी के लिए उतरे थे. ट्रेन में चढ़ते ही उनके मुहं पर दो तीन युवकों ने गीला कपडा रख दिया जिससे वह बेहोश हो गए. जब उन्हें होश आया तो वह एक छोटे से कमरे में थे और उनके हाथ पांव बंधे थे. उन्हें एक समय खाना दिया जाता था. कैप्टन के अनुसार कल मौका पाते ही वो कमरे की खिड़की तोड़कर निकल भागे. 
 
शिखरदीप ने बताया कि भागते समय उन्हें रेल की पटरी दिखाई दी. उसी पटरी के सहारे वह किसी स्टेशन पर पहुंचे और वहां से कामाख्या एक्सप्रेस से फैजाबाद रेलवे स्टेशन पर उतरकर सीधे कोतवाली नगर पहुंचे. कोतवाली नगर में उन्होंने घटना की जानकारी दी. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है. सेना के अधिकारी भी कोतवाली पहुंच गये हैं. इस बीच कैप्टन शिखरदीप के पिता कर्नल आनंद ने बताया कि उनकी बेटे से बात हुई है और वह स्वस्थ है लेकिन बेटे से ज्यादा बातकर वह उसे परेशान नहीं करना चाहते. उन्होंने बताया कि वह भी फैजाबाद पहुंच रहे हैं.

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