नई दिल्ली. 35 फुट बर्फ के नीचे से छह दिन बाद जिंदा निकले लांस नायक हनमनथप्पा कोप्पड़ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है. आर्मी रिसर्च और रेफरल अस्पताल में उनका इलाज कर रहे डॉक्टर ने बुधवार को यह बात कही. एक डॉक्टर ने कहा, “सैनिक की हालत अभी भी नाजुक है. हम उनकी देखभाल अच्छे तरीके से कर रहे हैं.”
 
इस बीच एम्स के विशेषज्ञों का एक दल उनका जीवन बचाने के प्रयास में शामिल हो गया है. सीटी स्कैन में ऑक्सीजन के उनके मस्तिष्क तक नहीं पहुंचने का सबूत मिला है और इस तरह से उनकी हालत बहुत अधिक गंभीर बनी हुई है। उसमें कहा गया है कि उनके दोनों फेफड़ों में न्यूमोनिया का सबूत मिला है.
 
हॉस्पिटल से जारी एक बयान में कहा गया है, “सैनिक अभी भी परेशानी से जूझ रहे हैं. उनकी हालत अभी भी नाजुक है. वह हॉस्पिटल आने के बाद से ही वेंटिलेटर पर हैं.” 
 
बयान में कहा गया है, “स्वास्थय दल उनकी पूरी देखभाल कर रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है. उनका इलाज सवश्रेष्ठ तरीके से किया जा रहा है.” डॉक्टर ने हालांकि उनके चमत्कारिक रूप से बचने पर टिप्पणी करने पर यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उन्हें नहीं पता कि वहां वास्तव में क्या हुआ था. उन्होंने कहा, “जब लांस नायक होश में आ जाएंगे तभी पता चलेगा की वह कैसे बचने में कामयाब रहे.” 
 
बता दें कि तीन फरवरी को कोप्पड़ और नौ अन्य सैनिक करीब 19,500 फुट की ऊंचाई पर सियाचिन ग्लेशियर में हुए हिमस्खलन में दब गए थे. सोमवार को कोप्पड़ चमत्कारिक रूप से जिदा निकाले गए थे. लांस नायक की हालात उस समय काफी नाजुक थी. उनमें अत्यधिक डिहाईड्रेशन, हाइपोथर्मिया की समस्या पैदा हो गई थी. कोप्पड़ का ब्लड प्रेशर काफी घट गया था और उन्हें इस समय आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है. 
 
उन्हें निमोनिया की शिकायत भी बताई गई है साथ ही उनका किडनी और लीवर भी खराब हो गया है.

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