नई दिल्ली. रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने आज हिन्दी के प्रसिद्ध कवि अष्टभुजा शुक्ल को पांचवें श्रीलाल शुक्ल IFFCO साहित्य सम्मान से नवाजा. दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्व की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको के एमडी यूएस अवस्थी भी मौजूद थे.
 
दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अवॉर्ड राशि 11 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र तथा शाल भेंटकर कवि शुक्ल को सम्मानित किया. इससे पहले विद्यासागर नौटियाल, शेखर जोशी, संजीव और मिथिलेश्वर को यह सम्मान दिया गया है.
 
उर्वरकों का उत्पादन और विपणन करने वाली विश्व की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको द्वारा वर्ष 2011 में स्थापित इस पुरस्कार को हिन्दी साहित्य-जगत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित सम्मानों में शुमार किया जाता है.
 
इफको के प्रबंध निदेशक डा. उदय शंकर अवस्थी ने अष्टभुजा शुक्ल को बधाई देते हुए कहा कि उनकी कविताओं से गुजरते हुए हमें किसानी संस्कृति के कई रूपों के सहज दर्शन होते हैं. कवि ने अपने रचनालोक को अपने इलाके की माटी, मौसम, पक्षी, पहाड़ और प्रकृति के एक से बढ़कर एक मोहक चित्रों से सजाया है.
 
अष्टभुजा शुक्ल ने अपने वक्तव्य में अपनी रचना-यात्रा से जुड़े विभिन्न अनुभवों का जिक्र किया. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने शुक्ल की प्रशंसा करते हुए कहा कि कृषि और सहकारी क्षेत्र में काम कर रही संस्था साहित्य और साहित्यकारों के लिए भी काम कर रही है ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है. अपने संबोधन में उन्होंने श्रीलाल शुक्ल की राग दरबारी का उल्लेख करते हुए उसे एक महान कृति बताया. 
 
इस अवसर पर बहरूप ग्रुप के कलाकारों द्वारा केएस राजेन्द्रन के निर्देशन में श्रीलाल शुक्ल की रचनाओं पर आधारित नाटक “गाड़ी प्रजातंत्र की” की नाट्य प्रस्तुति की गई. कार्यक्रम में सांसद देवी प्रसाद त्रिपाठी, आलोचक नामवर सिंह, विश्वनाथ त्रिपाठी, नित्यानन्द तिवारी के अलावा प्रकाशक और साहित्य प्रेमी मौजूद थे.

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