कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मालदा में बढ़ती हिंसा और अपराध के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ममता सरकार पर निशाना साधा है. बीजेपी नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि मालदा में 3 जनवरी 2016 को भड़की हिंसा ने देश को हिला दिया है. अपराध पर ममता सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंन कहा कि मालदा पहले आम और चावल के लिए मश्हूर था लेकिन आज वह अफीम और नकली नोट के लिए जाना जाता है.
 
बीजेपी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी से कई सवाल करना चाहती है जिसमें अहम सवाल है कि ममता सरकार हमारे एमपी को वहां जाने की इजाजत क्यों नहीं देती. 
 
पुलिस को नहीं मिल रही छूट
 
नेता ने कहा कि पुलिस अधिकारी ने कहा है कि वे वहां जाने से घबराते हैं अगर पुलिस ही वहां जाने से घबरा रही है तो आम लोगों का क्या होगा. साथ ही पुलिस को फायरिंग करने से मना किया गया है और अगर वहां अल्पसंख्यक हो तो फायरिंग की सोची भी न जाए इसका मतलब बंगाल में 28 फीसदी अल्पसंख्यक वोटरों का ही ध्यान रखा जा रहा है क्या बाकी बचे 72 फीसदी लोगों का क्या?
 
ममता सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए नेता ने कहा कि दुर्गा पुजा को भी एक दिन के लिए टाल दिया गया क्योंकि अगले दिन मुहर्रम था. ऐसा करना कहा तक सही है.
 
फेक नोट पर रोक क्यों नहीं
 
नेता ने ममता बैनर्जी पर आरोप लगाया है कि फेक करंसी बाहर से बंगाल में आती है जिसमें NIA की रिपोर्ट में भी जाहिर किया गया है. रिपोर्ट में देखा गया है कि 90 फीसदी फेक करंसी मालदा में ही आती है.
 
TMC कार्यकर्ता भिड़े
 
मालदा में टीएमसी के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए जिसमें बम तक फेंकने की खबर सामने आई है इस पर बीजेपी का कहना है कि पार्टी राष्ट्रीय हित को ताक पर रख कर लोगों को सत्ता में बैठाया जा रहा है.
 
बता दें कि मालदा में 3 जनवरी 2016 को हिंसा भड़की थी जिसमें करीब 2.5 मुसलमान बीजेपी नेता कैलाश तिवारी के विवादीत बयान के खिलाफ सड़कों पर उतर गए थे. जिसमें कालियाचक पुलिस थाना भी हिंसा की भेंट चढ़ गया था.

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