नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट को लेकर दो बड़े बदलावों की घोषणा की है. देश के नागरिक अब आसानी से सामान्य कैटिगरी में एक हफ्ते के भीतर फ्रेश पासपोर्ट हासिल कर सकते हैं. अब पासपोर्ट के आवेदन के साथ केवल तीन डॉक्युमेंट्स देने होंगे. इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी शामिल हैं.
 
इसके अलावा फॉर्मेट एनेक्सचर-1 के साथ एक ऐफिडेविड(नागरिकता की घोषणा, फैमिली डिटेल्स और किसी क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं होना) है. इससे पहले पासपोर्ट के लिए कम से कम एक महीने का वक्त लगता था. पुलिस वेरिफिकेशन में सबसे ज्यादा समय बरबाद होता था. अब पासपोर्ट जारी होने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन होगा. 
 
मंत्रालय द्वारा बयान में बताया गया है कि इस सेवा के लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा. पासपोर्ट केंद्र आधार नंबर की वैधता की जांच अब ऑनलाइन करेगा. इसके अलावा वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड की जांच की भी जरुरत पड़ी तो इससे संबंधित डेटाबेस के जरिए की जाएगी. यह सब प्रक्रिया पासपोर्ट के लिए आवेदन अप्रूव होने के पहले ही संपन्न की जाएगी. यदि पुलिस की
 
रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेज के उलट कुछ पाया जाता है तो पासपोर्ट रद्द कर दिया जाएगा. विदेश मंत्रालय में पास्पोर्ट डिविजन के डायरेक्टर अनिल कुमार सोबती ने कहा, प्रक्रिया को सुरक्षा चिंताओं से बिना समझौता किए उदार बनाया गया है. उन्होंने कहा, सिस्टम में फर्जी दस्तावेजों को पकड़ने के लिए पर्याप्त उपाय हैं. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि हमारा सिस्टम आधार डेटाबेस से जुड़ा है. ऐसे में हमें वेरिफिकेशन के मामले में बहुत दिक्कत नहीं होने वाली. ऐसा पासपोर्ट सेवा केंद्र पर संभव होगा.
 
उन्होंने कहा कि वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड को भी एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. इसके अलावा ग्रांटिंग ऑफिसर जिस आवेदनकर्ता का इंटरव्यू लेगा उस दौरान भी चीजों को परखा जाएगा. इसके साथ ही पासपोर्ट जारी करने के बाद वापस लेने और रद्द करने का विकल्प बचा रहेगा. उन्होंने कहा कि यदि आपके पास सही दस्तावेज हैं तो आप आसानी से एक हफ्ते के भीतर पासपोर्ट हासिल कर सकते है.

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