नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने NH 7 को 4 लेन तक चौड़ा करने पर मुहर लगा दी है. बता दें कि कोंजर्वेसन एक्शन ट्रस्ट ने इसके खिलाफ याचिका डाली थी जिसको खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विकास के काम को रोका नहीं जा सकता.
 
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाघो को असली ख़तरा सड़कों से नहीं बल्कि उन इंसानों से है जो उनका शिकार करते हैं. इतना ही नहीं सड़क कोई लक्ष्मण रेखा नहीं कि बाघ उसे पार न कर सके.
 
याचिकाकर्ताओं को लगाई फटकार
 
याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा आप बाघो की बात करते है लेकिन विकास का क्या ? इंसानों का क्या ? आप तब कहाँ थे जब बाघो का अवैध तरीके से शिकार किया जाता था. आपने तब तो कोई जनहित याचिका दाखिल नहीं की। लेकिन विकास का काम रोकने के लिए आपने जनहित याचिका दाखिल कर दी. 
क्या है मामला?
 
दरअसल कोंजर्वेसन एक्शन ट्रस्ट NGO ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर NH 7 को 4 लेन तक चौड़ा करने की योजना पर रोक की मांग की थी. याचिका में कहा गया था कि इस सड़क का 37 किलोमीटर का हिस्सा पेंच टाइगर रिज़र्व से होकर गुजरता है और सड़क को अगर 4 लेन करते है तो बाघो को जान का खतरा हो सकता है. इस लिए इस योजना पर रोक लगनी चाहिए.

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