नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों टाटा पावर दिल्ली ड्रिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड, बीएसईएस राजधानी और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड से पूछा है कि क्यों न उनके खातों का ऑडिट कैग से कराया जाए. इस बाबत बिजली कंपनियों को दो हफ्तों में कोर्ट को अपना जवाब देना है.

दरअसल दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट के उस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनोती दी, जिसमें हाई कोर्ट ने निजी क्षेत्र की तीन बिजली वितरण कंपनियों के खातों का ऑडिट कैग से कराने के आप सरकार के फैसले को खारिज कर दिया था.

हाई कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली सरकार को बिजली कंपनियों के खातों का सीएजी से ऑडिट कराने का अधिकार नहीं है.

साल 2014 में दिल्ली की बिजली कंपनियों के ऑडिट का आदेश दिया था जिसे दिल्ली की तीन बिजली कंपनियां टाटा पावर दिल्ली ड्रिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड ने हाई कोर्ट में चुनोती दी थी.