रायपुर. भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष वेदप्रताप वैदिक का कहना है कि वह इतने सालों से विदेश नीति मामलों से जुड़े रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश दौरा नीति उनकी समझ से बाहर है. उन्होंने पठानकोट हमले को लेकर कहा कि पाकिस्तान भरोसे के लायक नहीं है. वह केवल बातों में घुमाएगा. सच छिपा नहीं है.
 
उन्होंने कहा कि यह साफ है कि जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ही पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड है. दावा है कि उसे पाकिस्तान में नजरबंद रखा गया है, लेकिन भारत को यह भूल जाना चाहिए कि पाकिस्तान कभी मसूद को भारत के हवाले करेगा.
 
वैदिक छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की दो दिवसीय यात्रा पर हैं. वैदिक कुछ अरसे पहले पाकिस्तान में मुंबई हमले के मास्टर माइंड और भारत के सबसे बड़े दुश्मन हाफिज सईद से पाकिस्तान में मुलाकात को लेकर विवादों में आए थे. 
 
उन्होंने कहा कि पठानकोट हमला पाकिस्तान की नीयत का गवाह है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत, पाक विदेश सचिवों की वार्ता जिस ढंग से टली है, उससे पता चलता है कि दोनों देशों ने अपूर्व कूटनीतिक परिपक्वता का परिचय दिया है. 
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा कि उन्होंने अपने विरोधियों के व्यंग्य बाणों को अपनी चुप्पी के कवच से झेला है. वह हमले पर बोले जरूर, लेकिन पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से. यदि वे पहले की तरह पठानकोट हमले पर उग्र प्रतिक्रिया करते तो इसका बुरा असर पड़ता. इससे पाकिस्तान सरकार हमेशा की तरह पलटवार करती और दूसरा भारत की जनता पूछती कि आप सिर्फ बातें ही बनाएंगे या कुछ करके भी दिखाएंगे. 
 
सेनापति राहिल शरीफ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ मिलकर कदम उठाया है, इसीलिए यह भी पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान ने किसी आतंकी घटना की जिम्मेदारी ली है. वर्ना हर बार खुद को बदनामी से बचाने के लिए पाकिस्तान कह देता है कि यह आतंकी वारदात भी भारत ने ही प्रायोजित की है.
 
उन्होंने मोदी के विदेश दौरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह बाहर के देशों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं. वहां जाकर खरीदी कर रहे हैं, सौदे कर रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में इससे देश को क्या फायदा होगा, यह मेरी समझ से बाहर है. 

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