नई दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा है कि साल 2012 में फौज की टुकड़ी के दिल्ली कूच करने की खबर सही थी.

एक बुक लॉन्च के दौरान जब तिवारी से 2012 में एक अंग्रेजी अखबार की खबर के सच के बारे में सवाल किया तो उन्होंने जवाब दिया कि उस समय मैं रक्षा मंत्रालय की स्टैंडिंग कमिटी का सदस्य था. दुर्भाग्यवश वह खबर सही थी. ऐसा वाकई हुआ था. उस समय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह थल सेना अध्यक्ष थे.

क्या है मामला

अंग्रेजी अखबार ने खुलासा किया था कि 16 जनवरी 2012 की रात को इंडियन आर्मी की 2 टुकड़ी दिल्ली की ओर बढ़ रही थी. इनमें से एक हिसार में तैनात इन्फैंट्री यूनिट थी और दूसरी आगरा में मौजूद 50 पारा ब्रिगेड थी. उस वक्त सरकार ने ऐसी खबरों को खारिज किया था और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि अगर ऐसा है तो यह गंभीर मसला है.

सरकार को नहीं थी कोई जानकारी

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सरकार को सेना की इस गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी. इसके बारे में खुफिया एजेंसियों ने सबसे पहले रक्षा मंत्री को खबर दी. इसके बाद 17 जनवरी की सुबह प्रधानमंत्री को इसके बारे में जानकारी दी गई.

जानकारी के बाद मौके पर तुरंत चुपचाप जांच शुरू की गई. आनन-फानन में रक्षा सचिव शशिकांत शर्मा को मलेशिया के उनके विदेश दौरे से दिल्ली वापस बुलाया गया. इतना ही नहीं, बाहर से दिल्ली में आने वाली गाड़ियों की कड़ी चेकिंग तक शुरू हो गई.

अखबार के मुताबिक इस बाबत जब सेना से सवाल किया गया तो जवाब मिला कि सैन्य यूनिट की यह हलचल सामान्य थी. ऐसा कोहरे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए और सैना की तैयारियों का जायजा लेने के लिए किया जाता है.

 

 

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