नई दिल्ली. फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया(एसीआई) में ट्रकों से बोरियां उतारने वाले पल्लेदारों की मासिक सैलरी देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी ज्यादा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक एसीआई में 370 पल्लेदार ऐसे हैं जिनकी मासिक सैलरी 4.5 लाख रुपये है. 
 
शनिवार के दिन एफसीआई से जुड़े हुए इस मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने एफसीआई वर्कर्स यूनियन की अपील पर कहा कि एफसीआई में काफी ‘गड़बड़ियां’ हैं और इसकी व्यवस्था ‘पूरी तरह से असंतोषजनक’ है.
 
इस संबंध में वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 370 मजदूरों को 4.5 लाख रुपए की मासिक सैलरी के अलावा फूड कार्पोरेशन में बहुत सारे ऐसे मजदूर भी हैं, जो मासिक 80,000 रुपये की सैलरी उठा रहे हैं. जबकि ट्रकों में बोरियां भरने और उतारने के लिए अनुबंध पर रखे गए मजदूर इसी काम को 10,000 रुपये मासिक वेतन पर कर रहे हैं.
 
 

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