नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 10 हजार बसें उतारने का आदेश दिया है ताकि रोज सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों को सहूलियत हो. सुप्रीम कोर्ट ने 2001 में ही कोर्ट की तरफ से 10 हजार बसें उतारने के आदेश पर अमल नहीं होने पर नाराजगी भी जताई.
 
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि जब 2001 में ही कोर्ट ने आदेश दिया था कि पैसेंजर की बढ़ती भीड़ के मद्देनजर बसों की संख्या 10 हजार तक की जाए तो आज भी दिल्ली में मात्र 5500 बसें क्यों दौड़ रही हैं.
 
इस पर दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए ने बस डिपो के लिए जमीन मुहैया नहीं कराया जिसकी वजह से बसों की खरीददारी नहीं की जा सकी. 
 
दिल्ली सरकार के इस जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बस डिपो के लिए दिल्ली सरकार को जमीन मुहैया कराने का आदेश दिया और ये भी कहा कि इस काम के लिए एक समय सीमा तय की जाए. इस मामले में अब अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी.
 

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