नई दिल्ली. दो DANICS अधिकारियों का निलंबन रद्द करने के केंद्र के आदेश को ठुकराते हुए दिल्ली सरकार ने कहा कि ये चुनी हुई सरकार की अनदेखी और अधिकारियों के बीच अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने वाली एक चिट्ठी भर है, न कि राष्ट्रपति की तरफ से जारी आदेश जिसे माना जाए.
 
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को चार पन्ने का एक पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि दिल्ली सरकार दोनों अधिकारियों का निलंबन वापस लेने का गृह मंत्रालय का आदेश नहीं मानेगी.
 
सिसौदिया ने पत्र में दोनों अधिकारियों के निलंबन की कहानी भी बताई है कि हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में दिल्ली कैबिनेट ने सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ाने का फैसला लिया जिस पर अमल करने से दोनों अधिकारियों ने इनकार कर दिया. 
 
 
सिसौदिया ने ये भी लिखा है कि एलजी के पास ये मामला दो बार भेजा गया लेकिन उनकी आपत्ति ये थी कि गृह मंत्रालय की इजाजत के बिना इसे मंजूरी नहीं दी जा सकती. सिसौदिया ने पत्र में लिखा है कि एलजी जिस आदेश के हवाले से गृह मंत्रालय की मंजूरी की बात कर रहे हैं वो आदेश इस वक्त न्यायालय में विचाराधीन है.
 
 
सिसौदिया ने पत्र में सरकारी अधिकारियों के निलंबन के नियम-कानून का हवाला देते हुए कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र पर अमल करने से दिल्ली सरकार का कामकाज पंगु हो जाएगा क्योंकि इससे अधिकारियों के बीच अनुशासनहीनता और अराजकता पैदा होगी.
 
गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने पिछले मंगलवार को अपने विभाग के दो विशेष सचिव यशपाल गर्ग और सुभाष चंद्रा को सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ाने की फाइल पर साइन न करने के कारण सस्पेंड कर दिया था.

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