नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त यूपी लोकायुक्त जस्टिस वीरेंद्र सिंह के रविवार के शपथ ग्रहण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार 5 जनवरी तक शपथ ग्रहण टाले या फिर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के बयान पर स्पष्टीकरण दे की उन्होंने वीरेंद्र सिंह के नाम पर आपति जताई है या नहीं.
 
राज्यपाल राम नाईक ने शुक्रवार को नियुक्ति की फाइल पर दस्तखत भी कर दिए थे. चयन समिति की ओर से नाम तय करने में हो रही देरी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने खुद जस्टिस वीरेंद्र सिंह को लोकायुक्त नियुक्त कर दिया था. 
 
किया था अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में रिटायर्ड जस्टिस वीरेंद्र सिंह को लोकायुक्त नियुक्त कर दिया और राज्य सरकार को आदेश नहीं मानने के लिए कड़ी फटकार भी लगाई थी. 
 
कौन हैं जस्टिस वीरेन्द्र सिंह?
सुप्रीम कोर्ट को सौंपे गए पांच नामों में जस्टिस वीरेंद्र सिंह का भी नाम था. जस्टिस सिंह यूपी के ही मेरठ जिले के रहने वाले हैं और वर्ष 2009 से 2011 तक इलाहबाद हाईकोर्ट के जज रह चुके हैं.

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