नई दिल्ली. दिल्ली गैंगरेप के मामले में नाबालिग दोषी की रिहाई पर आज हाईकोर्ट  ने अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट का कहना है कि आरोपी की रिहाई पर रोक नहीं लगाई जा सकती इसलिए उसे इस रविवार रिहा कर दिया जाएगा.
 
इससे पहले केंद्र सरकार ने भी नाबालिग दोषी की रिहाई का विरोध किया था और कहा था कि पहले वह खुद सुधरने का भरोसा दिलाए. केंद्र ने दोषी की सजा की अवधि बढ़ाने का भी अनुरोध किया है.
 
 
बता दें कि नाबालिग दोषी को 3 साल तक सुधार गृह में रखने के आदेश दिए गए थे और अब वह 20 साल का हो चुका है इसलिए रिहा हो रहा है. 20 दिसंबर को उसे रिहा होना है इस बीच आईबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसे हाईकोर्ट ब्लास्ट के एक दोषी ने जिहाद के लिए तैयार कर दिया है.
 
केंद्र ने नाबालिग दोषी को बाल सुधार गृह में रखे जाने की अवधि बढ़ाए जाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट से अपील की थी. केंद्र ने कहा था कि नाबालिग दोषी की रिहाई के बाद उसके पुनर्वास की योजना में कई आवश्यक बातें नदारद हैं, जिन पर उसकी रिहाई से पूर्व विचार किए जाने की आवश्यकता है.
 
पीड़िता की मां ने की रिहा न करने की अपील
 
पीड़िता के माता-पिता का मामले पर कहना है कि हमें  इन्साफ नहीं मिला है और हम अपने वकील से कहकर आगे की लड़ाई लड़ेंगे.
पीड़िता की मां ने 16 दिसंबर को अपनी बेटी को साहसिक श्रद्धांजलि देते हुए उसका नाम सार्वजनिक रूप से लिया और कहा कि बलात्कार जैसे घिनौने अपराध करने वाले लोगों को अपने सिर शर्म से झुकाने चाहिए, न कि पीड़ितों या उनके परिवारों को.
 
लड़की की मां आशा के साथ पिता बद्री सिंह पांडेय ने घटना को अंजाम देने वाले छह अपराधियों में से कथित रूप से सबसे नृशंस तरीके से अपराध को अंजाम देने वाले किशोर दोषी को रिहा नहीं किये जाने की मांग की और कहा कि वह शहर के लिए खतरा है.

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