नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने लोकायुक्त की नियुक्ति पर यूपी सरकार को फटकार लगाने के बाद रिटायर्ड जस्टिस वीरेन्द्र सिंह को लोकायुक्त नियुक्त किया है. फटकार लगाने के दौरान कोर्ट ने सरकार से उन पांच नामों की सूची मांगी थी जो सरकार ने शार्ट लिस्ट किए थे. कोर्ट ने कहा संवैधनिक पदों पर बैठे लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अनसुना कर दिया. ये बेहद अफ़सोस जनक है. 

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था, ”हमें कानून का पालन करना आता है और कानून अपना काम करेगा.’ सुप्रीम कोर्ट की यह तल्ख़ टिप्पणी यूपी सरकार द्वारा किसी एक नाम पर सहमति न बन पाने के बाद आई थी.

अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में रिटायर्ड जस्टिस वीरेंद्र सिंह को लोकायुक्त नियुक्त कर दिया और राज्य सरकार को आदेश नहीं मानने के लिए कड़ी फटकार लगाई. 
 
कौन हैं जस्टिस वीरेन्द्र सिंह?
सुप्रीम कोर्ट को सौंपे गए पांच नामों में जस्टिस वीरेंद्र सिंह का भी नाम था. जस्टिस सिंह यूपी के ही मेरठ जिले के रहने वाले हैं और वर्ष 2009 से 2011 तक इलाहबाद हाईकोर्ट के जज रह चुके हैं.
 

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