नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि प्रदूषण में कमी लाने के मकसद से 1 जनवरी से दिल्ली में शुरू हो रही अल्टरनेट डे ऑड-इवन नंबर कार ड्राइविंग के फॉर्मूले से किसी मंत्री या अफसर को कोई छूट नहीं मिलेगी.

केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अकेली ड्राइव कर रही महिलाओं और लड़कियों के साथ-साथ इमरजेंसी हालात में मरीज को ले जा रही कार को इस फॉर्मूले से छूट पर सरकार विचार कर रही है और इस पर जल्द ही सारी चीजें सामने आ जाएंगी. उन्होंने कहा कि अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं.

केजरीवाल सरकार के इस फैसले का सीधा मतलब ये है कि दिल्ली में सफर करने वाले केंद्र या दिल्ली सरकार के मंत्री और अधिकारी भी फॉर्मूले की जद में आएंगे और उन्हें भी अपना दिन का ट्रेवल ऑड और इवन नंबर के हिसाब से तय करना होगा.

सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस तीर्थ सिंह ठाकुर की तरफ से केजरीवाल सरकार की इस पहल को प्रदूषण में कमी लाने की शर्त पर मिले समर्थन से संकेत साफ है कि कोर्ट इस स्कीम पर इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाने वाला है. स्कीम लागू होने के बाद ही इस पर कोर्ट अपना रुख जाहिर करेगा कि ये सफल है या नहीं.

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