लखनऊ. दादरी के बिसाहड़ा गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने धारा 144 लगाते हुए शुद्धिकरण मार्च की इजाज़त नहीं दी है. बता दें कि यह वही गांव है जिसमें 28 सितंबर को कुछ लोगों की भीड़ ने बीफ की अफवाह पर 50 साल के अख़लाक़ की उनके घर में घुसकर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. सूत्रों के मुताबिक इस मार्च का ऐलान गांव के मंदिर से किया गया था.
 
इस अतिसंवेदनशील मसले को लेकर प्रशासन ने इससे पहले चुप्पी साध ली थी. अधिकारियों ने सिर्फ इतना भर कहा था कि यहां कोई मार्च नहीं हो रहा है. गांव के लोग मंदिर में पूजा और शुद्धिकरण के कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं.
 
पूरे गांव में छिड़का जाना था गोमूत्र 
सूत्रों के मुताबिक शुद्धिकरण के नाम पर पूरे गांव में वैदिक मंत्रों के उच्‍चारण के बाद गंगाजल और गोमूत्र का छिड़काव किए जाने की योजना थी. ऐलान हुआ था कि सोमवार को मंदिर से जुलूस निकलेगा. गांव वाले इसमें शामिल होंगे. गांव की नई पुजारिन हर सिद्धि गिरी ने इसकी पुष्टि भी की है. इस कथित शुद्धिकरण को गांव में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का प्रयास बताया जा रहा है. आयोजकों की दलील है कि बीते दो महीने पहले यहां जो कुछ भी हुआ उससे गांव की आबोहवा दूषित हो गई है. अब शुद्धिकरण मार्च के जरिए इसे दोबारा दुरुस्त किया जाएगा.
 
शांति भंग करना चाहते हैं कुछ लोगः मायावती
मायावती ने कहा कि दादरी में अब शांति है, लेकिन कुछ लोग इसे भंग करना चाहते हैं. सरकार उन्हें रोक नहीं रही है. शुद्धिकरण से अशांति हो सकती है, जिसकी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. सरकार को ऐसा मार्च करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.
 
खौफजदा है परिवार और नहीं चाहता मामले की जांच
अखलाक का परिवार अपने ही गांव से खौफजदा है. जिस मिट्टी पर उनका परिवार पला-बढ़ा आज वही मिट्टी उससे छूट गई. गांववाले भी परिवार से नाराज हैं. पिछले दिनों ही इखलाक की बहन शाइस्ता के बयान पर 8 गांववालों को उनकी हत्या के मामले में आरोपी बनाया गया है. पुलिस अब इखलाक के बेटे दानिश का भी बयान दर्ज करने वाली है. अफवाह के बाद हमले में दानिश बुरी तरह से जख्मी हो गया था. वह दो महीने में ठीक हो पाया है.
 
इखलाक के परिवार ने लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मुलाकात की . सरकार की ओर से अब तक की गई कार्रवाई पर परिवार ने संतोष जताया है. लेकिन अब वे लोग नहीं चाहते कि आगे कोई जांच हो. हत्याकांड के सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं. सरकार ने परिवार को 45 लाख रुपये का मुआवजा दिया है.
 
एजेंसी इनपुट भी

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