नई दिल्ली. दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने विधानसभा में पेश जनलोकपाल बिल में बदलाव पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के दोनों सुझाव को मान लिया है और अब यह बिल अन्ना के सुझाए बदलाव के साथ कानून की रूप लेगा. दिल्ली कैबिनेट ने बिल में बदलाव को मंजूरी दे दी है.
 
 
आम आदमी पार्टी की तरफ से बताया गया है कि अन्ना हजारे की सलाह के अनुरूप लोकपाल चयन समिति के सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 करने का फैसला लिया गया है और लोकपाल को हटाने से पहले हाईकोर्ट के जज की जांच कराने का प्रावधान जोड़ने का भी फैसला हो गया है. 
 
 
दिल्ली विधानसभा में जन लोकपाल बिल पेश होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आप नेता संजय सिंह और कुमार विश्वास को बिल के साथ अन्ना हजारे के पास भेजा था. अन्ना ने बिल देखने के बाद ये दो सुझाव दिए थे.
 
अरविंद केजरीवाल सरकार के लोकपाल बिल से मोटा-मोटी संतुष्ट नजर आ रहे अन्ना ने ये भी कहा था कि अगर केंद्र सरकार ने दिल्ली के लोकपाल कानून में अडंगा लगाने की कोई कोशिश की तो वो आंदोलन पर उतर जाएंगे.

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