नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हाल में गिरफ्तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों से पूछताछ के बाद पता चला है कि आईएसआई एजेंटों का देशव्यापी रैकेट तीन कैटेगरी में काम करता है.
 
खुफिया सूत्रों के मुताबिक पहली कैटेगरी में वो लोग हैं जिन्हें आईएसआई से सीधे फंड मिलता है. ये लोग आईएसआई के लिए लोगों को बहाल करते हैं और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसे देते हैं. इन लोगों को हर महीने पैसा मिलता है और ये टार्गेट की तलाश में ठिकाने और शहर बदलते रहते हैं.
 
सूत्रों के मुताबिक पूरे देश में इस कैटेगरी के 50 से ज्यादा आईएसआई जासूस काम कर रहे हैं और सिर्फ ये लोग ही आईएसआई या पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं. सूत्रों का कहना है कि ऐसे 5-6 एजेंट सिर्फ दिल्ली में हैं.
 
दूसरी कैटेगरी में ऐसे लोग हैं जो इन एजेंट के लोकल इन्फॉर्मर का काम करते हैं. ये लोग किसी भी टार्गेट की रेकी करते हैं, वहां की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी करते हैं. इन लोगों को काम के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं. तीसरी कैटेगरी में ऐसे लोग हैं जो स्लीपर सेल का काम करते हैं. 
 
खुफिया सूत्रों के मुताबिक ये एजेंट अपने रैकेट में ज्यादातर नौजवानों को जोड़ने की कोशिश करते हैं. इनमें से कुछ को नेपाल या बांग्लादेश के रास्ते 6-9 महीने की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भी भेजा जाता है.
 
 
 

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