नई दिल्ली. तमाम विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल बिल 2015 को पेश कर दिया गया है. ये बिल दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पेश किया है. बता दें सीएम केजरीवाल ने पिछले साल जनलोकपाल के मुद्दे पर सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था.

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बिल पेश करते वक्त आम आदमी पार्टी के विधायकों ने सदन में ‘भारत माता की जय’  और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए. बीते 9 महीनों में जनलोकपाल बिल पेश न हो पाने पर विपक्ष ने केजरीवाल पर अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाया था. इसी मुद्दे पर आज कांग्रेस ने दिल्ली में प्रदर्शन भी किया.

जनलोकपाल बिल को लेकर केजरीवाल के पुराने साथी रहे प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव विरोध कर रहे हैं. प्रशांत भूषण ने इस बिल को जनलोकपाल के बजाए ‘महाजोकपाल’ कहा है.

कैसा होगा जनलोकपाल बिल ?

दिल्ली सरकार के जनलोकपाल बिल 2015 के मुताबिक जनलोकपाल एक स्वायत्त संस्था होगी. इसके दायरे में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री आएंगे और बिल के तहत मिलने वाली शिकायतों के खिलाफ 6 महीने में जांच पूरी करनी होगी और इतना ही वक्त सुनवाई खत्म करने के लिए मिलेगा.

सजा का भी प्रावधान

बिल के मुताबिक भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर आरोपी की संपत्ति ज़ब्त करने का प्रावधान है. इतना ही नहीं जनलोकपाल के काम में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा और लोकपाल की नियुक्ति में भी कोई भूमिका नहीं होगी.

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