नई दिल्ली: तीन देशों की यात्रा के लिए निकले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने पहले चरण पुर्तगाल के बाद अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं. नई दिल्ली और लिस्बन ने शनिवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में शोध को बढ़ावा देने के लिए 40 लाख यूरो के संयुक्त कोष की घोषणा की. साथ ही दोनों देशों के बीच 11 द्विपक्षीय समझौतों पर दस्तखत हुए.
 
यात्रा तो तीन देशों की वो कर रहे हैं, मगर सबकी नजरें पीएम मोदी की अमिरिकी यात्रा पर टिकी है. व्हाइट हाउस में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात पर दुनिया भर की निगाहें इसलिए भी होगी क्योंकि पीएम मोदी दुनिया के पहले ऐसे नेता होंगे जो व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के साथ डिनर करेंगे. यह अपने आप में ही एक इतिहास है.
 
 
व्हाइट हाउस में पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच होने वाली मुलाकात दोनों नेताओं के लिए कई मायने में खास है. माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच करीब 5 घंटे तक मुलाकात होगी. इस दौरान दोनों देशों के आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों नेता कई पहल करेंगे.
 
 
बताया जा रहा है कि दोनों नेता 26 जून को साथ में ही रहेंगे. ये दोनों न सिर्फ दोनों देश के रिश्तों और संबंधों को एक नया आयाम देंगे, बल्कि व्यक्तिगत संबंधों को भी ये एक नया रंग देंगे. हालांकि, बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं की उपस्थिति में किसी तरह के पत्रकार वार्ता का आयोजन नहीं किया था.
 
 
हालांकि, मोदी इससे पहले भी अमेरिका की यात्रा कर चुके हैं मगर ये ट्रंप प्रशासन में ऐसा पहली बार होगा जब पीएम मोदी जा रहे हैं. मगर मोदी और डोनाल्ड ट्रंप पर तीन बार अब तक बातचीत हो चुकी है. अमेरिका की यात्रा के बाद पीएम मोदी नीदरलैंड की यात्रा पर जाएंगे और वहीं से फिर स्वदेश लौट आएंगे. 

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