नई दिल्ली. गुजरात को इस देश में हिंदुत्व की राजनीति की प्रयोगशाला कहा जाता है. गुजरात में 22 साल से सत्ता में दूर रहने के बाद कांग्रेस ने बड़ी मुश्किल से ये सबक सीखा था कि गुजरात में हिंदुत्व की अनदेखी करके चुनाव नहीं जीता जा सकता. इसी के चलते राहुल गांधी ने इस बार गुजरात में जहां भी चुनावी दौरे किए, वहां के प्रमुख मंदिरों में मत्था टेकना नहीं भूले. लेकिन, इसी चक्कर में आज कांग्रेस से भयानक भूल हो गई.

राहुल गांधी आज चुनाव प्रचार करने के लिए गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में हैं. इसी इलाके में महादेव शिव का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग सोमनाथ भी है. राहुल गांधी ने सौराष्ट्र में चुनाव प्रचार की शुरुआत सोमनाथ मंदिर में पूजा-पाठ से की. उन्होंने सोमनाथ के ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक भी किया, लेकिन राहुल गांधी के सोमनाथ दर्शन पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. राहुल गांधी ने सोमनाथ मंदिर में गैर हिंदू के रूप में प्रवेश किया था. दरअसल, सोमनाथ मंदिर में गैर हिंदुओं को प्रवेश रजिस्टर में एंट्री करनी होती है. राहुल गांधी की ओर से कांग्रेस के मीडिया को-ऑर्डिनेटर ने मंदिर के रजिस्टर में गैर हिंदू कैटेगरी में एंट्री करा दी. राहुल गांधी के साथ एंट्री रजिस्टर में अहमद पटेल का नाम भी लिखा गया. अब पूरी कांग्रेस पार्टी इस सवाल से जूझ रही है कि क्या राहुल गांधी हिंदू नहीं हैं?

इस मौके को बीजेपी ने अभी से भुनाना शुरू कर दिया है. बीजेपी के महासचिव डॉ अनिल जैन ने ट्वीटर पर लिखा था कि आप अगर सोमनाथ मंदिर जाएं, और आप हिन्दू धर्म से नहीं हैं, तो आपको एक रजिस्टर में इस बात का खुलासा करना पड़ता है. आज राहुल गांधी ने उसी रजिस्टर में अपने नाम को जोड़ दिया. देश के साथ धर्म को ले कर ऐसा छलावा?. राहुल गांधी को घेरते हुए बीजेपी के आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने ट्वीट किया. इस ट्वीट में अमित मालवीय ने राहुल गांधी के धर्म पर उंगलियां उठाई. अमित मालवीय ने ट्वीटर पर एक बाद कई विवादित ट्वीट किये.

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