नई दिल्ली. पिछले 21 माह से जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में सजा काट रहे भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को आज इस्लामाबाद के विदेश मंत्रालय में उनकी मां और पत्नी से मुलाकात करने का मौका दिया गया. लेकिन इस मुलाकात को पाकिस्तान के किसी भद्दे मजाक से कम नहीं समझा जा रहा है. दरअसल मुलाकात के वक्त कुलभूषण जाधव और उनके परिवार के बीच एक शीशे की दीवार थी और वे इंटरकॉम के जरिए बात कर रहे थे. इस दौरान चारों ओर कैमरे लगे थे, भारी सुरक्षा थी और पूरी बातचीत की वीडियो रिकार्डिंग भी की जा रही थी. मात्र 30 मिनट की इस मुलाकात में कुलभूषण को अपनी पत्नी और मां को गले तक नहीं लगाने दिया गया. इरान की सीमा से पाकिस्तानी सेना द्वारा गिरफ्तार किया गये भारतीय नागरिक और पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण यादव ने पूरे 21 माह बाद अपनी मां और पत्नी का चेहरा देखा था.

कुलभूषण को उसके परिवार से मिलाकर अपनी दरियादिली साबित कर रहे पाकिस्तान के इस रवैये से भारतीय में बुरी तरह नाराजगी है. वहीं इसको लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस तरह के इंतजाम को लेकर सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है. अजीब है कि सुरक्षा के नाम पर लोगों से भरे हुए कमरे को पाकिस्तान एक निजी मुलाकात बता रहा है. इस तरह का बर्ताव कर पाकिस्तान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह कभी नहीं सुधर सकता. इस पूरे मामले को लेकर इंडिया न्यूज के कार्यक्रम महाबहस में पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण जाधव की उसकी मां और पत्नी से कराई गई मुलाकात के तरीके पर 10 सवाल उठाए गए-

पाकिस्तान ने बताया कुलभूषण जाधव और उनकी मां, पत्नी के बीच क्यों लगाई थी शीशे की दीवार

क्या पाकिस्तानी जेल में कुलभूषण जाधव पर हो रहा है टॉर्चर? गर्दन और सिर पर दिखे चोट के निशान

 

 

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