नई दिल्ली. गुजरात और हिमाचल प्रदेश के नतीजों पर देश भर में चर्चा अब तक जारी है. एग्जिट पोल और जनादेश के बीच कितना अंतर था और कितनी समानता, इस पर बहस चल रही है. इंडिया न्यूज ने गुजरात और हिमाचल में वोटों की गिनती से एक दिन पहले अपने रिपोर्टरों का एग्जिट पोल दिखाया था, जो काउंटिंग के बाद एग्जैक्ट पोल साबित हुआ. आज पूरा देश इस बात को मान रहा है कि इंडिया न्यूज के रिपोर्टरों ने ग्राउंड जीरो पर जो देखा, वही जनादेश था. इस जनादेश के बाद अब गुजरात और हिमाचल की राजनीति किस मोड़ पर है..? इंडिया न्यूज के जिन रिपोर्टरों ने सबसे सटीक एग्जिट पोल किया था, आज उन्हीं के साथ गुजरात और हिमाचल की आगे की राजनीति पर महाबहस की गयी.

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव के नतीजों के बाद एग्जिट पोल पर काफी चर्चा हुई. दोनों राज्यों में बीजेपी की जीत का अंदाजा तो करीब-करीब सभी एग्जिट पोल में था, लेकिन नतीजों के सबसे करीब था इंडिया न्यूज़ के रिपोर्टरों का एग्जिट पोल. इंडिया न्यूज के रिपोर्टरों ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश के हर कोने का दौरा किया था. अपने अनुभव और जमीनी हकीकत के आधार पर इंडिया न्यूज के रिपोर्टरों ने काउंटिंग से एक दिन पहले ही बता दिया था कि गुजरात में कांग्रेस का प्रदर्शन तो सुधरेगा, लेकिन बीजेपी थोड़ा नुकसान उठाकर भी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में कामयाब होगी. इंडिया न्यूज़ के रिपोर्टरों का एग्जिट पोल बता रहा था कि गुजरात में बीजेपी को ज्यादा से ज्यादा 103 सीटें मिलेंगी, जबकि हिमाचल में बीजेपी 43 सीटें जीत सकती है. नतीजे आए तो गुजरात में बीजेपी को हमारे रिपोर्टरों के अनुमान से चार सीटें कम मिलीं.

गुजरात और हिमाचल में अब कांग्रेस और बीजेपी के नेता जनादेश की समीक्षा में जुटे हैं. बीजेपी दोनों राज्यों में सरकार तो बनाने जा रही है, लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि सीएम कौन होगा..? नई दिल्ली से लेकर गुजरात और हिमाचल में हलचल तेज हो गयी है कि सीएम कौन बनेगा.

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