नई दिल्ली: फिल्म पद्मावती का विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के रिश्तों को लेकर करणी सेना के विरोध के बाद अब कई लोग फिल्म की रिलीज के खिलाफ खड़े हो गए हैं. आलम ये है कि फिल्म की रिलीज अब चुनावी मुद्दा भी बन गई है जिसे राजपूत और हिंदूओं की इज्जत से जोड़कर देखा जा रहा है. कई संगठनों ने थियेटर मालिकों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने फिल्म रिलीज की तो वो अंजाम भुगतने के लिए भी तैयार रहें. इस मामले पर संजय लीला भंसाली का कहना है कि उन्होंने पद्मावत को आधार मानकर फिल्म बनाई है. लेकिन हिंदू संगठनों का आरोप है कि संजय लीला भंसाली ने हिंदू इतिहास के साथ खिलवाड़ किया है. फिल्म की कहानी को राजपूताना शान के खिलाफ बताया जा रहा है. इस मुहीम में बीजेपी के नेता भी शामिल हो गए हैं.
 
बीजेपी सांसद प्रो चिंतामणी मालवीय कहा कि फिल्म का पर्याप्त विरोध होना चाहिए, फिल्म जगत के लोगों को पता लगना चाहिए कि अगर इतिहास से छेड़छाड़ की गई तो हम तो फसेंगे ही लेकिन वो भी सुरक्षित नहीं रह पाएंगे. बीजेपी विधायक नेता राजा सिंह ने कहा कि अगर सच में इतिहास से छेड़छाड़ की गई है तो संजय लीला भंसाली का इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. उन्होने कहा कि ये जुर्माना कैसा होगा ये आप खुद देखेंगे वैसे भी आपपर एक बार हमला हो चुका है.
 
गौरतलब है कि राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के दौरान ये विवाद शुरू हुआ था. तब करणी सेना ने फिल्म के सेट पर तोड़फोड़ की थी. बाद में वहां से शूटिंग रद्द करके पुणे लाया गया लेकिन यहां भी फिल्म के सैट पर तोड़फोड़ हुई. हिंदू संगठनों का आरोप है कि फिल्म में पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच रिश्ता दिखाया गया है जो कभी रहा ही नहीं. 
 

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