नई दिल्ली: तीन साल पहले सितंबर के महीने में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की धरती से दुनिया को नए भारत का संदेश दिया था. आज उसी अमेरिका से कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार की नीतियों और नए भारत पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
 
नोटबंदी से लेकर असहनशीलता, दलित उत्पीड़न, बीफ विवाद और वंशवाद तक पर राहुल गांधी ने विदेश जाकर बयान क्यों दिया ? क्या मोदी के नया भारत पर राहुल गांधी के सवाल ठीक हैं ?
 
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी का ये आरोप कितना सही है कि राहुल गांधी वंशवाद की राजनीति में नाकामी की मिसाल हैं, आज इन्हीं मुद्दों पर होगी महाबहस, लेकिन राहुल गांधी जब भी विदेश जाते हैं, तब राजनीति में कोई ना कोई बड़ी हलचल ज़रूर मचाते हैं.
 
ज्यादातर मौकों पर राहुल गांधी के विदेश दौरों की टाइमिंग पर सवाल उठता रहा है. राहुल गांधी एक बार फिर विदेश में हैं और इस बार टाइमिंग की बजाय उनके बयानों पर देश की राजनीति गरमा गई है.
 
राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका में हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने तीन साल पहले अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से दुनिया भर में भारत का डंका बजाया था. राहुल गांधी न्यूयॉर्क से करीब 2900 मील दूर बर्कले में हैं और वो मोदी सरकार की नाकामियों की डुगडुगी बजा रहे हैं.
 
 
अमेरिका में मोदी और राहुल के भाषणों में एक फर्क और है. प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका की सबसे बड़ी आबादी वाले शहर न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया था, जबकि राहुल गांधी आबादी के लिहाज से अमेरिका के 226वें नंबर वाले शहर बर्कले में यूनिवर्सिटी के छात्रों को अपनी राजनीतिक सोच समझा रहे थे.
 
राहुल गांधी ने बर्कले की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में पहले से चुने गए सवालों के जवाब भी दिए. राहुल गांधी ने नया भारत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज पत्रकारों की हत्या हो रही है, दलितों की हत्या हो रही है, बीफ खाने के शक में मुस्लिमों को मारने की घटनाएं हो रही हैं.
 
 
पहले भारत में ऐसा नहीं होता था. राहुल गांधी ने राजनीति में वंशवाद पर भी सफाई दी और ये भी कबूल किया कि 2012 में कांग्रेस के अंदर अहंकार आ गया था.

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