नई दिल्ली: बिहार में लालू यादव का परिवार भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसा है और बिहार की सरकार धर्मसंकट में. जेडीयू ने तेजस्वी यादव पर इस्तीफे का दबाव बढ़ा दिया है. तेजस्वी को सफाई देने के लिए जेडीयू ने चार दिन का वक्त दिया है, जिसका आज तीसरा दिन है.
 
अब तक चुप रहे जेडीयू के नेता खुलकर बोल चुके हैं कि अगर नीतीश की छवि को दाग़ लगा तो महागठबंधन बेमानी हो जाएगा. क्या अपनी इमेज बचाने के लिए तेजस्वी को कैबिनेट से निकालेंगे नीतीश ? क्या लालू और नीतीश की दोस्ती फिर टूटने वाली है ?, आज इसी मुद्दे पर होगी महाबहस.
 
रेलवे होटल टेंडर घोटाले में फंसे बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के नाम पर बिहार में महागठबंधन की दरार गहरी होती जा रही है. नीतीश कुमार चुप हैं और जेडीयू के नेता खुलकर बोल रहे हैं कि तेजस्वी खुद को पाक-साफ साबित करें.
 
तेजस्वी यादव के मुद्दे पर जेडीयू के सांसदों और विधायकों की बैठक में तीन दिन पहले ही तय हो चुका है कि तेजस्वी यादव तथ्यों के साथ सफाई दें. तेजस्वी के लिए जेडीयू के अल्टीमेटम की मियाद शुक्रवार की शाम तक है. इस बीच तेजस्वी यादव ने बिहार कैबिनेट की मीटिंग में हिस्सा लिया और अपनी सफाई में अपने पिता लालू यादव की बात दोहराई. लालू यादव की तरह तेजस्वी ने भी यही दलील दी कि जिस वक्त का घोटाला बताया जा रहा है, उस वक्त तेजस्वी बच्चे थे.
 
तेजस्वी की सफाई जेडीयू के गले नहीं उतर रही. जेडीयू के नेता खुलकर बयान देने लगे हैं कि तेजस्वी राजनीतिक बयान देने की बजाय तथ्यों के साथ आएं और साबित करें कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का जो मामला सीबीआई ने दर्ज किया है, वो गलत है. अब तक जेडीयू के नेता कह रहे थे कि महागठबंधन को खतरा नहीं है, लेकिन अब उनका लहजा बदलने लगा है. जेडीयू नेताओं और प्रवक्ताओं का दो टूक कहना है कि उनके लिए नीतीश कुमार की इमेज साफ-सुथरा रखना ज्यादा ज़रूरी है.
 
(वीडियो में देखें पूरा शो)

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