नई दिल्ली. एक तरफ जहां भारत और पाकिस्तान के बीच सचिव स्तर की वार्ता रद्द हो चुकी है और क्रिकेट सीरीज भी अभी तक हवा में ही लटकी है ऐसे में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 8 दिसंबर को पाकिस्तान जा रहीं हैं. सुषमा इस्लामाबाद में होने वाली ‘हार्ट ऑफ एशिया सिक्युरिटी कॉन्फ्रेंस’ में शिरकत करेंगी. सुषमा के साथ फॉरेन सेक्रेटरी एस जयशंकर भी होंगे. 
 
दौरे से क्या है उम्मीद?
दौरे पर सुषमा पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ और उनके सिक्युरिटी एडवाइजर सरताज अजीज से मुलाकात कर सकती हैं. पाकिस्तान कॉन्फ्रेंस को होस्ट कर रहा है. सूत्र बताते हैं कि इसी वजह से सुषमा की नवाज और अजीज से मुलाकात को ‘कर्टसी कॉल’ ही माना जाना चाहिए. आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख अब भी सख्त है. इस कॉन्फ्रेंस में 25 देशों के लीडर्स शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि पहले इस कॉन्फ्रेंस में विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह जाने वाले थे लेकिन बाद में उन्हें भेजने से परहेज कर लिया गया .  
 
सूत्रों की माने तो पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ के बीच हुई मुलाकात के बाद सरकार ने सिंह के बजाए सुषमा को भेजने का फैसला किया था. बता दें कि अगली बार कॉन्फ्रेंस अफगानिस्तान में होगी. अगर फॉरेन मिनिस्टर काबुल जाएं और इस्लामाबाद न जाएं, तो इससे डिप्लोमैटिक प्राब्लम्स हो सकती थीं. इसलिए सुषमा को वहां भेजा जा रहा है. वैसे भी इस कॉन्फ्रेंस में अफगानिस्तान और आतंकवाद पर फोकस रहने वाला है.
 
मोदी और नवाज़ बातचीत करने पर सहमत हैं
फ्रांस की राजधानी पेरिस में पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के बीच हैंडशेक हुआ था. दोनों के बीच दो मिनट तक बातचीत भी हुई. मोदी से मुलाकात के बाद पाकिस्तान के पीएम ने कहा था कि हमारे बीच अच्छी बातचीत हुई. शरीफ ने कहा था- बातचीत का दरवाजा खोलना चाहिए. बातचीत को जाहिर नहीं करना चाहूंगा. उन्होंने कहा थी कि मोदी भी बातचीत जारी रखने पर सहमत हैं.
 

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