NEET-UG परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की आत्महत्या की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं. पुलिस ने जांच अधिकारी से इस बात का जवाब मांगा है कि कथित सुसाइड नोट को केस के दस्तावेजों के साथ क्यों नहीं जोड़ा गया. DCP (जोन-2) नित्यानंद झा ने बताया कि हालांकि स्टेशन डायरी एंट्री में सुसाइड नोट का ज़िक्र था, लेकिन इसे केस के रिकॉर्ड के साथ नहीं जोड़ा गया था. इस चूक के लिए अंबाझरी पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी निखिल तभाने को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केस से जुड़े शुरुआती दस्तावेजों में सुसाइड नोट का कोई ज़िक्र नहीं था; यहां तक कि शुरुआत में DCP को भी इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई थी. बाद में, जब पूरी जानकारी सामने आई, तो वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की, ज़िम्मेदारी तय की और रिपोर्ट सौंपी.
NEET छात्रा से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की रहने वाली 18 वर्षीय आकांक्षा चतुर्वेदी, जो NEET-UG परीक्षा की तैयारी कर रही थी, 20 मई को नागपुर में अपने कमरे में मृत पाई गई थी. उसका शव फंदे से लटका हुआ मिला था. वह 3 मई को हुई NEET परीक्षा के दिन से ही लापता बताई जा रही थी. शुरुआती रिपोर्टों से पता चला कि वह कथित प्रश्न पत्र लीक विवाद और परीक्षा से जुड़ी घटनाओं के कारण तनाव में थी. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद लिखे गए कथित सुसाइड नोट में उसने अपनी निराशा ज़ाहिर की थी.
सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द
आकांक्षा ने अपने आखिरी नोट में लिखा, ‘मम्मी-पापा… आपको मुझ पर पूरा भरोसा था कि मैं पढ़ाई करके डॉक्टर बनूंगी. लेकिन मुझमें दोबारा परीक्षा में बैठने की हिम्मत नहीं है. पहले टेस्ट में मुझे अच्छे नंबर मिलने वाले थे, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि दोबारा भी उतने ही अच्छे नंबर आएंगे. सॉरी मम्मी-पापा, मैंने आप दोनों के लिए सब कुछ बर्बाद कर दिया.’
कौन थीं आकांक्षा चतुर्वेदी?
18 साल की आकांक्षा चतुर्वेदी मूल रूप से मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली थीं. उनका परिवार फिलहाल नागपुर में रह रहा था. आकांक्षा नागपुर के ही एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम (NEET) की तैयारी कर रही थीं. आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि 3 मई को हुई मुख्य परीक्षा में आकांक्षा को 650 से ज्यादा नंबर आने की उम्मीद थी. परीक्षा देकर लौटने के बाद वह काफी खुश थीं और उन्हें पूरा भरोसा था कि इस बार किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा. परिजनों के अनुसार, जैसे ही नीट पेपर लीक की खबरें सामने आईं और परीक्षा रद्द हुई, आकांक्षा गहरे तनाव और चिंता में डूब गईं.
पुलिस ने बताया कि 20 मई की दोपहर करीब 12 बजे आकांक्षा ने अपने घरवालों से कहा कि उसे भूख नहीं है और वह बाद में खाना खाएगी. इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई. दोपहर करीब 3 बजे जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो वह फंदे से झूलती मिली.