MP Crime: शाम ढलते ही खंडवा के इनपुन पुनर्वास की उस सुनसान गली में सन्नाटा पसर जाता था, लेकिन एक मकान के इर्द-गिर्द अजनबियों का आना-जाना ग्रामीणों को लंबे समय से खटक रहा था. लोग कानाफूसी करते, पर मुंह खोलने से डरते. आखिरकार, गांव के कुछ युवाओं ने हिम्मत जुटाई. उन्होंने छुपकर उस घर के दरवाजे पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों का वीडियो अपने फोन में कैद कर लिया. यह वीडियो सिर्फ सबूत नहीं था, बल्कि उस काले कारोबार की पहली चीख थी जो भीतर ही भीतर पल रहा था.
जब शिकायतों के बावजूद कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो वे वीडियो सीधे खंडवा के पुलिस अधीक्षक अगम जैन के मोबाइल तक पहुंच गए. एसपी ने जब फुटेज देखे, तो उनका माथा ठनक गया. उन्होंने बिना देर किए मांधाता थाने की पुलिस को एक्टिव कर दिया और एक पुख्ता जाल बिछाने का हुक्म दे दिया.
सोमवार की शाम जब आसमान पर अंधेरा छाने लगा, तो पुलिस की गाड़ियां चुपचाप उस मकान के चारों तरफ आकर रुक गईं. खाकी वर्दी वालों ने घर को ऐसा घेरा कि परिंदा भी पर न मार सके. जब पुलिस ने अंदर दरवाजा खटखटाकर दबिश दी, तो भीतर का नजारा देख अवाक रह गए. एक कमरे से रैकेट की संचालिका कला बाई और उसका पति दीपक रंगे हाथों दबोचे गए, तो वहीं बाहर वाले कमरे से रामेश्वर और रमेश नाम के दो संदिग्ध ग्राहक भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए.
इस पूरी कार्रवाई के बीच पुलिस ने जब कमरे के कोने में पड़ी एक पुरानी खटिया (पलंग) पर नजर डाली, तो उसे भी छोड़ना मुनासिब नहीं समझा. पुलिस ने उस खटिया को इस गंदे खेल का सबसे बड़ा मूक गवाह मानते हुए अपनी जब्ती सूची में शामिल कर लिया. जब्ती के कागजों में मोबाइल और पैसों के साथ जब ‘खटिया’ का नाम दर्ज हुआ, तो थाने से लेकर पूरे इलाके में इसी बात की चर्चा जोरों पर हो उठी कि पुलिस ने अबकी बार पलंग को भी मुजरिम बना लिया है.
जान दांव पर लगाकर जुटाए सुराग
गांव वालों की आंखों में लंबे समय से उस घर की गतिविधियां खटक रही थीं. अनजान चेहरों का यूं आना-जाना किसी बड़े तूफान की आहट दे रहा था. जब सब्र का बांध टूटा, तो युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाए और उन्हें पुलिस के बड़े अधिकारियों तक पहुंचाया. जनता के इस ऐक्शन और पुलिस की मुस्तैदी ने उस दिन वो कर दिखाया जो महीनों से पर्दे के पीछे चल रहा था.
पुलिस की छापेमारी और बेनकाब हुआ देह व्यापार
सोमवार की शाम जब पुलिस ने उस मकान पर धावा बोला, तो अंदर भगदड़ मच गई. कला बाई और उसका पति दीपक समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है. पुलिस ने एक-एक कमरे की तलाशी ली और आपत्तिजनक सामान के साथ-साथ उन तमाम चेहरों को बेनकाब कर दिया जो इस दलदल में फंसे हुए थे. पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने वहां मौजूद हर शख्स को हिला कर रख दिया.
जब्ती सूची में ‘खटिया’ बनी चर्चा का केंद्र
आम तौर पर पुलिस चोरियों या घोटालों में नकदी, गहने या कागजात जब्त करती है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग था. उस कमरे में बिछी खटिया को जब पुलिस ने केस का अहम सबूत मानकर ज़ब्ती लिस्ट में डाला, तो हर कोई हैरान रह गया. अब थाने के गलियारों से लेकर चाय की दुकानों तक बस इसी बात के चर्चे थे कि कैसे एक साधारण सी चारपाई इस संगीन जुर्म की दास्तान बयां कर रही है.
आरोपियों पर कसा शिकंजा,
मांधाता थाना पुलिस ने कला बाई, उसके पति दीपक और तीनों ग्राहकों—प्रेम यादव, रामेश्वर और रमेश के खिलाफ PITA एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. सभी को अदालत में पेश करने की तैयारी है. लेकिन पुलिस की जांच यहीं खत्म नहीं होती; खाकी अब यह टटोलने में लगी है कि इस छोटे से घर की चारदीवारी के पीछे कोई बहुत बड़ा और संगठित देह व्यापार का नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था.
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