मध्य प्रदेश के इंदौर में शादी के अगले ही दिन दुल्हन के फरार होने का मामला सामने आया है जिसके पीछे फर्जी मैरिज ब्यूरो संबंधित गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई है. पीड़ित दूल्हा देवास जिले का किसान है जिसने एक गिरोह से शादी की उम्मीद में एक गिरोह से 6 लाख रुपये में कांट्रेस्ट साइन किया था. रीति-रिवाजों के साथ शादी भी संपन्न कराई गई लेकिन ससुराल में गृह प्रवेश के अगले ही दिन दुल्हन अपना बोरिया-बिस्तर समेतकर फरार हो गई जिसके खिलाफ पीड़ित दूल्हे ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें दुल्हन, दुल्हन की मां, महिला दलाल समेत 5 अन्य लोगों के नाम सामने आ रहे हैं. पुलिस पीड़ित से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
तलाक के बाद सहारा ढूंढ रहा था किसान
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना देवास जिले के बागली क्षेत्र के पिपलिया साहब गांव की बताई जा रही है जहां के 28 साल के किसान हरिनारायण हजारीलाल परारिया ने 2007 में पहली शादी की थी लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों का तलाक हो गया. अकेलेपन से जूझ रहा शख्स ने दूसरी शादी करने की इच्छा से जीवनसाथी ढूंढ रहा था कि तभी उसकी मुलाकात हसीनाबाई नामक महिला से हुई. यही वो महिला दलाल है जिसने दुल्हन ढूंढने का आश्वासन दिया और गिरोह ने मिलवाकर दोनों के बीच कांट्रेक्ट साइन करा दिया. इसकी एवज में हजारीलाल से 6 लाख रुपये की वसूली की गई.
शादी के अगले ही दिन दुल्हन फरार
पीड़ित किसान ने महिला दलाल हसीनाबाई को अपने घर-परिवार के बारे में सारी चीजें पहले ही बता दी थीं. दलाल ने दुल्हन की तलाश भी कर ली लेकिन हजारीलाल के सामने शर्त रख दी कि लड़की नंदिनी की मां की तबियत कुछ नासाज रहती है जिसके इलाज के लिए 6 लाख रुपये की आवश्यकता है. शादी की जल्दबाजी में किसान ने पूरी रकम दे दी और शादी करके नंदिनी को पिपलिया साहब गांव अपने आवास पर ले आया.लेकिन अगले ही दिन नंदिनी बिना बताए, खबर किए अचानक घर से गायब हो गई. जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी.
गिरोह का पर्दाफाश, कोर्ट का रुख
दुल्हन नंदिनी को ढूंढने पर भी, जब कोई सुराग नहीं मिला तो पीड़ित किसान हजारीलाल ने कानून की ओर रुख किया तो नंदिनी और शादी के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया. इस घटना से आहत किसान ने 30 जून को अपने गांव के सरपंच, परिजन और अन्य ग्रामीणों के साथ इंदौर कोर्ट का रुख किया जहां एक लिखित एग्रीमेंट तैयार हुआ था जिसकी एवज में 6 लाख रुपये दुल्हन पक्ष को सौंपे गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, तुकोगंज क्षेत्र के राम मंदिर में शादी की रस्में हुईं और दुल्हन का ससुराल में पूरे धूमधाम से स्वागत किया गया.
किसान हजारीलाल का परिवार नई दुल्हन के आने से काफी खुश था. पूरे परिवार में उत्साह का माहौल था. लेकिन खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी. अगले ही दिन नंदिनी अपना सामान लेकर कब लोगों से नजरें बचाकर फरार हो गई. किसी को कानोंकान खबर नहीं लगी.