उज्जैन में गुरु पूर्णिमा के मौके पर साध्वी हर्षानंद गिरी (पूर्व मॉडल हर्षा रिछारिया) का एक बयान सोशल मीडिया और धार्मिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. सन्यास लेने के बाद से ही अपने पहनावे, मेकअप और माता-पिता के घर रहने को लेकर उठ रहे सवालों पर साध्वी ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने आलोचना करने वाले संतों पर पलटवार करते हुए सीधे-सीधे आश्रमों में महिलाओं की सुरक्षा पर ही बड़ा सवाल खड़ा कर दिया. साध्वी हर्षानंद का कहना है कि आज के दौर में कोई भी संत यह गारंटी नहीं दे सकता कि उनके आश्रम में महिला पूरी तरह सुरक्षित रहेगी. साथ ही, उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कई संत खुद चुपके से आश्रम में पार्लर वालों को बुलाकर मेनिक्योर-पेडिक्योर करवाते हैं, जबकि उंगलियां मुझ पर उठाई जा रही हैं.
‘कौन-सा संत मेरी 100% सुरक्षा की गारंटी लेगा?…’
जानकारी के लिए बता दें कि साध्वी हर्षानंद गिरी, जो पहले एक मॉडल हर्षा रिछारिया थीं, पर साध्वी बनने के बाद से ही कई तरह के सवालों के घेरे में आ रही है- जैसे कि वे कथा वाचन के दौरान मेकअप, लिपस्टिक और बालों में कलर का इस्तेमाल करती हैं, और संन्यास लेने के बावजूद अपने माता-पिता के घर रहती हैं.
इन आलोचनाओं का करारा जवाब देते हुए साध्वी हर्षानंद ने कहा, ‘आलोचना करने वाले संतों के पास अपने बड़े-बड़े आश्रम हैं. आज की तारीख में कौन इतना पवित्र है? मुझे एक ऐसा संत बता दीजिए जो अपने आश्रम में मेरी 100% सुरक्षा की गारंटी ले सके? कोई कहे कि ‘यह मेरी बेटी जैसी है और मेरे रहते इसे कुछ नहीं होगा’, अगर कोई यह गारंटी ले, तो मैं आज ही उनके आश्रम को अपना घर बना लूंगी.’
माता-पिता का घर सबसे सुरक्षित
सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनके पास खुद का कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं हो जाता, तब तक उनके पास सिर्फ दो ही रास्ते हैं, या तो वे अपने गुरुजी के आश्रम में रहें, या फिर अपने माता-पिता के घर, जहां वे पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करती हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इस पर किसी को क्या आपत्ति हो सकती है? श्रृंगार और सजने-धवरने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे खुद पार्लर वाली सेवाएं नहीं लेतीं, लेकिन जो लोग मां लक्ष्मी, भगवान श्रीकृष्ण और नारायण की पूजा करते हैं, उन्हें अच्छे से रहने और सजने-संवरने का पूरा हक है. इसमें कुछ भी गलत नहीं है.
उज्जैन में ली थी संन्यास की दीक्षा
आपको बता दें कि पूर्व मॉडल हर्षा रिछारिया ने इसी साल 18 अप्रैल को उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में महामंडलेश्वर सुमनानंद जी से दीक्षा लेकर संन्यास धारण किया था. दीक्षा के दौरान उन्होंने अपना पिंड दान भी किया था और ‘साध्वी हर्षानंद गिरि’ नाम अपनाया था. सन्यास लेने के बाद से ही साध्वी हर्षानंद व्यासपीठ पर बैठकर धार्मिक कथाएं और प्रवचन दे रही हैं. हालांकि, प्रवचन के दौरान लिपस्टिक लगाने, बालों में कलर करने और मेकअप करने को लेकर कुछ संतों ने उन पर परंपराओं को तोड़ने का आरोप लगाया था, जिस पर अब उन्होंने यह तीखा जवाब दिया है.