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2 करोड़ के लालच में नाबालिग का कत्ल, संवेदनशील अंग काटकर पॉलिथीन में ले गए दरिंदे; जब नहीं मिला खरीदार तो ठिकाने लगाया!

पुलिस ने बताया कि आरोपियों में तीन नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्होंने पीड़ित की हत्या करने के बाद उसके शरीर से एक अंग निकाल लिया था. हालांकि, खरीदार न मिलने पर उन्होंने उस अंग को ठिकाने लगा दिया.

By: Kajal Jain | Published: August 18, 2026 5:20:30 PM IST



मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 100 रुपये के लालच और 2 करोड़ (या 1.2 करोड़) रुपये कमाने के चक्कर में एक 17 साल के किशोर की निर्मम हत्या कर दी गई. आरोपियों ने डॉक्टर बनकर एक शातिर साजिश रची थी और नाबालिग बच्चों को अपने जाल में फंसाकर इस शर्मनाक हत्याकांड को अंजाम दिया. भोपाल पुलिस ने इस मामले में मुख्य मास्टरमाइंड समेत 5 आरोपियों (3 नाबालिगों सहित) को गिरफ्तार कर लिया है. इस खौफनाक वारदात ने पूरे शहर को सन्न कर दिया है और हर कोई यह सोचकर हैरान है कि आज के समय में पैसों के लालच में इंसानियत कितनी गिर चुकी है. आइए जानते हैं इस दर्दनाक मामले की पूरी और विस्तार से कहानी.

100 रुपये कर दी नाबालिग की हत्या

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, भोपाल का 17 वर्षीय किशोर, जो इकबाल मैदान और मोती मस्जिद के पास पेन और की-रिंग बेचने का काम करता था और जिसकी मां मजदूर नगर के एक सुलभ कॉम्प्लेक्स में सफाईकर्मी का काम करती है, उसे कुछ आरोपियों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. पीड़ित किशोर 6 अगस्त को इकबाल मैदान इलाके से अचानक लापता हो गया था, और चार दिन बाद 10 अगस्त को उसका शव छोटे तालाब के पास धोबीघाट के नजदीक से बरामद हुआ.

शुरुआत में पहचान न होने पर शव को दफना दिया गया था, लेकिन बाद में परिवार वालों ने उसके कपड़ों, चप्पलों और हाथ के निशान से उसकी पहचान की. अब पुलिस परिवार की मौजूदगी में शव को बाहर निकालकर आगे की कानूनी और मेडिकल प्रक्रिया पूरी कर रही है. पुलिस ने बताया कि मृतक नाबालिग को 100 रुपये का लालच देकर विवाद सुलझाने के लिए बुलाया गया था.

2 करोड़ में बेचने का था मास्टरमाइंड का प्लान

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड 20 साल का जोहेब खान था, जो खुद को डॉक्टर बताकर रहता था और डॉक्टर की तरह कपड़े पहनकर नाबालिग लड़कों से मिलता था. जोहेब ने आरोपियों को मोबाइल पर एक वीडियो दिखाकर समझाया कि 15-16 साल के लड़के का संवेदनशील अंग निकालने पर उसे 1.2 से 2 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं. इसी लालच में आकर आरोपियों ने साजिश रची.

6 अगस्त को दो नाबालिग इकबाल मैदान पहुंचे और पीड़ित किशोर को खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से विवाद सुलझाने के बहाने 100 रुपये देने का लालच देकर अपने साथ ले गए. रास्ते में एक और नाबालिग उनके साथ जुड़ गया और वे गिनौरी व किलोल पार्क से होते हुए धोबीघाट के पास सुनसान इलाके में पहुंचे.

खरीदार नहीं मिले तो शव के पास फेंका अंग

धोबीघाट के पास सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद आरोपियों ने पीछे से किशोर पर हमला कर दिया. अन्य आरोपियों ने उसे दबोच लिया और चाकुओं से लगातार वार करके उसकी हत्या कर दी. हत्या के तुरंत बाद आरोपियों ने मास्टरमाइंड जोहेब खान को वीडियो कॉल किया, जिसने कॉल पर ही उन्हें आगे के निर्देश दिए. निर्देशों के मुताबिक आरोपियों ने शव से एक अंग अलग कर दिया, ताकि उसे बेचकर करोड़ों रुपये कमाए जा सकें. हालांकि, जब वे बाजार में खरीदार तलाशने में नाकाम रहे, तो उन्होंने घबराकर उस कटे हुए अंग को झील (तालाब) में फेंक दिया.

पुलिस ने मुख्य आरोपी जोहेब खान, आमिर कुरैशी (18) और तीन नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या में इस्तेमाल चाकू और पीड़ित का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह किसी बड़े मानव अंगों की तस्करी (Organ Trafficking) के नेटवर्क का हिस्सा है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश छिपी है.

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