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कुछ लोगों को ज्यादा क्यों काटते हैं मच्छर, वजह जान आप भी रह जाएंगे हैरान, जानें कारण

कई बार एक ही कमरे में बहुत से लोग बैठे होते हैं लेकिन मच्छर कुछ चुनिंदा लोगों को ही काट रहे होते हैं. कुछ लोगों को इस बारे में पता नहीं होता. अगर आप भी नहीं जानते हैं, तो ये लेख आपके लिए है.

By: Deepika Pandey | Published: July 7, 2026 6:27:00 PM IST



Mosquito Bite: क्या आपने कभी गौर किया है कि एक ही कमरे में कई लोग बैठे हों, लेकिन मच्छर बार-बार सिर्फ एक या दो लोगों के आसपास ही मंडराते रहते हैं? ऐसे में अक्सर यही सवाल मन में आता है कि आखिर मच्छर कुछ लोगों को ही अपना निशाना क्यों बनाते हैं? क्या उनके खून में कुछ अलग होता है या फिर इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह है? दरअसल, इसके पीछे कई कारण होते हैं, जिनका संबंध हमारे शरीर और उसकी प्राकृतिक गतिविधियों से है.

कार्बन डाइऑक्साइड

सबसे पहले बात करते हैं हमारी सांस की. जब हम सांस छोड़ते हैं तो हमारे शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड गैस बाहर निकलती है. मच्छर इस गैस को काफी दूर से महसूस कर सकते हैं और उसी दिशा में उड़ने लगते हैं. यही वजह है कि जो लोग एक्सरसाइज कर रहे होते हैं, दौड़ रहे होते हैं या ज्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, वे सामान्य लोगों की तुलना में अधिक कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं. ऐसे लोगों तक मच्छर जल्दी पहुंच जाते हैं.

त्वचा और पसीना

इसके अलावा, हमारी त्वचा और पसीने से निकलने वाले कुछ रसायन भी मच्छरों को आकर्षित करते हैं. पसीने में मौजूद लैक्टिक एसिड, अमोनिया और दूसरे प्राकृतिक रसायनों की गंध मच्छरों को अपनी ओर खींचती है. अगर किसी व्यक्ति के शरीर से इन रसायनों की मात्रा ज्यादा निकलती है, तो उसे मच्छर ज्यादा काट सकते हैं.

शरीर का तापमान

शरीर का तापमान भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है. मच्छर गर्मी की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं. इसलिए जिन लोगों के शरीर का तापमान ज्यादा होता है या जो हाल ही में शारीरिक गतिविधि करके आए हों, उनके पास मच्छर अधिक पहुंच सकते हैं.

जीन्स का असर

वैज्ञानिकों का मानना है कि इसमें हमारे जीन्स का भी असर होता है. कुछ शोधों में ऐसे सैकड़ों जेनेटिक मार्कर मिले हैं, जो यह तय करने में भूमिका निभा सकते हैं कि किसी व्यक्ति को मच्छर कितनी बार काटेंगे और काटने के बाद उसके शरीर पर कैसी प्रतिक्रिया होगी. यही कारण है कि एक ही घर में रहने वाले लोगों में भी किसी को मच्छर बहुत ज्यादा काटते हैं, जबकि दूसरे व्यक्ति को मुश्किल से एक-दो बार ही काटते हैं.

ब्लड ग्रुप

खून का ग्रुप भी एक वजह माना जाता है. कुछ अध्ययनों के अनुसार, O ब्लड ग्रुप वाले लोगों पर मच्छर A ब्लड ग्रुप वालों की तुलना में लगभग दोगुनी बार बैठते हैं. वहीं B ब्लड ग्रुप वाले लोग दोनों के बीच की स्थिति में रहते हैं. हालांकि, केवल ब्लड ग्रुप ही यह तय नहीं करता कि मच्छर किसे ज्यादा काटेंगे. 

त्वचा के बैक्टीरिया

त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया भी इस पूरी कहानी का अहम हिस्सा हैं. हमारी त्वचा पर रहने वाले बैक्टीरिया पसीने को तोड़कर अलग-अलग तरह की गंध पैदा करते हैं. कुछ लोगों की त्वचा पर ऐसे बैक्टीरिया अधिक होते हैं, जिनकी गंध मच्छरों को ज्यादा आकर्षित करती है. इसलिए कई बार एक ही परिवार में किसी एक व्यक्ति को मच्छर सबसे ज्यादा परेशान करते हैं.

गर्भवती महिलाओं को ज्यादा काटते हैं मच्छर

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं को भी मच्छर अपेक्षाकृत ज्यादा काटते हैं. इसकी वजह यह है कि गर्भावस्था के दौरान शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है और सांस के साथ सामान्य से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है. यही दोनों कारण मच्छरों को उनकी ओर ज्यादा आकर्षित करते हैं.

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