नई दिल्ली. गर्मी से राहत दिलाने वाली बारिश कभी कभी परेशानी का कारण भी बन जाती है. दरअसल मानसून के शुरू होते ही लोगों की त्वचा तैलीय-चिपचिपी रहने लगती है जिससे उन्हें काफी आलस भी आता है. साथ ही इस मौसम में कील-मुहांसों और सक्रमण का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है. हालांकि, त्वचा रोग विशेषज्ञों ने इससे बचने का आसान इलाज भी बताया है. विशेषज्ञों की मानें तो इस मौसम में प्राकृतिक चीजों से तैयार मॉश्चराइजर जरिए त्वचा को नियंत्रित मात्रा में नमी देनी चाहिए.

प्राकृतिक चीजों में आप एलोवेरा जेल को इस्तेमाल में ले सकते हैं. दिन में 2 से तीन बार चार बूंद गुलाबजल मिलाकर त्वचा पर लगाएं. वहीं ऑर्गैनिक नारियल के तेल और जैतून के तेल की मालिश भी अच्छा विकल्प है. बेसन, हल्दी, गुलाबजल और नींबू के रस का फेसपैक लगाना भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित होगा. इस मौसम में गर्म पानी में नहाने से बचें और प्रतिदिन कम से कम 8 गिलास पानी पीएं.

अगर आप चेहरे पर झुर्रियों, धारियों और रुखेपन की परेशानी से बचना चाहते हैं तो त्वचा की नमी जरूर बनाएं रखें. ध्यान रखें कि इसके बचाव के लिए किसी भी तरह की क्रीम या लोशन का सहारा लेने से बचें.

बारिश के मौसम में टोनिंग भी बेहद जरूरी है. इससे त्वचा में जमी गंदगी, अतिरिक्त नमी और मृत कोशिकाओं को हटाने के साथ रोम छिद्रों को बंद करने में मदद मिलती है. साथ ही चेहरे पर दाग-धब्बे, कील-मुंहासे और संक्रमण की शिकायत दूर रहती है. इसके लिए आप टोनर भी घर पर बना सकते हैं.

टोनर बनाने के लिए खीरे के रस में आठ से 10 बूंद गुलाबजल मिलाकर दिन में दो बार रूई से साफ करें. संतरे के जूस, गुलाबजल, ग्रीन टी और खीरे के रस को समान मात्रा में मिलाकर आइस ट्रे में जमाएं. इसके टुकड़े सुबह शाम चेहरे पर रगड़ें.

Femina Miss India 2019 Fair Skin Controversy: फेमिना मिस इंडिया के आयोजकों पर लगा रंगभेद का आरोप, ट्विटर पर काले-गोरे की बहस

सर्दियों में बालों की चमक बरकार रखने के लिए अपनाएं ये घरेलू टिप्स

Leave a Reply

Your email address will not be published.

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App