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मानसून में बढ़ जाता है डेंगू-मलेरिया का खतरा, इन आसान उपायों से घर को रखें मच्छरों और मक्खियों से सुरक्षित

Protection from mosquitoes: मानसून में मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने के साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. घर के आसपास पानी जमा न होने देना, साफ-सफाई रखना, जाली लगाना और सुरक्षित उपाय अपनाना इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.

By: Ranjana Sharma | Published: August 1, 2026 6:48:53 PM IST



Protection from mosquitoes: बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इसके साथ कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. इस मौसम में घरों के आसपास पानी जमा होने और नमी बढ़ने के कारण मच्छरों और मक्खियों की संख्या तेजी से बढ़ती है. यही वजह है कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों के मामले भी बढ़ने लगते हैं. कई लोग मच्छरों से बचने के लिए धुएं वाली अगरबत्ती या अन्य धुआं पैदा करने वाले उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन लगातार धुएं के संपर्क में रहना फेफड़ों और सांस से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकता है. ऐसे में कुछ आसान और वैज्ञानिक उपाय अपनाकर आप अपने घर और परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.

मच्छर खुद नहीं, बल्कि संक्रमण फैलाते हैं

बहुत से लोगों को लगता है कि मच्छर सीधे बीमारी पैदा करते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि मच्छर संक्रमण फैलाने का माध्यम होते हैं. जब कोई मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति का खून चूसता है, तो वायरस या परजीवी उसके शरीर में पहुंच जाते हैं. इसके बाद वही मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो संक्रमण उसके शरीर में पहुंच सकता है. इसी प्रक्रिया से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियां फैलती हैं. हर साल बड़ी संख्या में लोग इन बीमारियों की चपेट में आते हैं, इसलिए बरसात में बचाव सबसे जरूरी है.

घर के आसपास पानी जमा न होने दें

मच्छरों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है कि उन्हें पनपने का मौका ही न दिया जाए. इसके लिए घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें. कूलर, बाल्टी, गमले, एसी की ड्रेनेज ट्रे, छत, बालकनी और खुले बर्तनों की नियमित सफाई करें. डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर अक्सर साफ और रुके हुए पानी में ही अंडे देते हैं. पानी रखने वाले सभी बर्तनों को ढककर रखें और समय-समय पर उन्हें साफ करना न भूलें.

खिड़कियों और दरवाजों पर मजबूत जाली लगाएं

अगर मच्छरों और मक्खियों को घर के अंदर आने से रोकना है, तो खिड़कियों और दरवाजों पर अच्छी गुणवत्ता वाली जाली लगाना बेहद जरूरी है. इससे कीड़े-मकोड़े आसानी से घर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करना भी एक सुरक्षित और प्रभावी उपाय माना जाता है.

धुएं वाले उपायों की जगह अपनाएं सुरक्षित विकल्प

अक्सर लोग मच्छरों को भगाने के लिए धुआं करने वाली अगरबत्ती या कॉयल का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, लंबे समय तक इनके धुएं के संपर्क में रहने से आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और फेफड़ों पर असर पड़ सकता है. ऐसे में नीम का तेल, सिट्रोनेला, लेमनग्रास, लैवेंडर और पेपरमिंट जैसे एसेंशियल ऑयल कुछ हद तक मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकते हैं. हालांकि इन्हें पूरी सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

मक्खियों से बचने के लिए रखें साफ-सफाई का ध्यान

बरसात में सिर्फ मच्छर ही नहीं, मक्खियां भी तेजी से बढ़ती हैं और भोजन को दूषित कर फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं. इसलिए खाने-पीने की सभी चीजों को हमेशा ढककर रखें. किचन की नियमित सफाई करें, कूड़ेदान को रोजाना खाली करें और घर में नमी जमा न होने दें. साफ और सूखा वातावरण मच्छरों और मक्खियों दोनों की संख्या कम करने में मदद करता है.

बरसात में बचाव ही सबसे बड़ा उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी बीमारियों से बचा सकती हैं. यदि तेज बुखार, शरीर दर्द, उल्टी, कमजोरी या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर इलाज और सही बचाव से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रमणों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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