Immunity Booster Diet Plan: कोरोना वायरस महामारी से बचने के लिए अपने आसपास साफ सफाई और खाने में अच्छी डाइट का शामिल करना जरूरी है. ऐसे में अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लोग योग और आयुर्वेदिक काढ़े को जीवनशैली में शामिल कर रहे हैं. काढ़े के अलावा भी कई ऐसी खाने-पीने की चीजें हैं, जिनके नियमित सेवन से आपकी प्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाएंगे. आप गंभीर बीमारी से बचे रहेंगे.

ग्रीन टी और ब्लैक टी

ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों ही व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी मदद करती हैं. लेकिन एक दिन में इनके एक से दो कप ही पिएं. इनका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से आपकी भूख घट सकती हैं. या खाने में अनिच्छा की समस्या उत्पन्न हो सकती है.

कच्चा लहसुन

अगर आप हड्डियों की दर्द से परेशान हैं. तो आपको अपनी डाइट में लहसुन को शामिल कर लेना चाहिए. कच्चा लहसुन भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी फायदेमंद होता है. मालूम हो कि लहसुन में काफी मात्रा में एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए व ई पाए जाते हैं.

दही

बता दें कि बहुत लोगों को दूध नहीं पचता या फिर उन्हें दूध पीने से साइड इफेक्ट देखने को मिलता है. लेकिन दही ऐसा खाद्य पदार्थ हैं, जो सभी लोगों के लिए फायदेमंद हैं. अगर आपके पेट या पेट के निचले हिस्से पर जलन की शिकायत हो, तो आप दही का सेवन कर सकते हैं. दही के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

ओट्स

अगर आप नौकरीपेशा वाले व्यक्ति और आपके पास नाश्ता बनाने के लिए वक्त नहीं है. तो आप ओट्स के पैकेट घर पर लाकर रख सकते हैं. इसे खाने से सिर्फ आपका वेट कंट्रोल ही नहीं होता है. बल्कि ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं. साथ ही इसमें एंटी माइकाबियल गुण भी पाया जाता है. हर रोज ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है.

विटामिन सी

संक्रामक रोगों से सुरक्षा के लिए विटामिन सी को सबसे बेस्ट ऑप्शन माना जाता है. नींबू और आंवले में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त रखने में मददगार होता है. इसके अलावा आप संतरा, मौसमी, चौलाई, बंदगोभी, हरा धनिया और पालक भी डाइट में शामिल कर सकते हैं.

अंजीर

अंजीर पोटैशियम, मैंगनीज और एंटी-ऑक्सीडेंट तत्वों से भरपूर होता है. यह शरीर के पीएच के स्तर को भी नियंत्रित करने में मदद करता है. इसमें मौजूद फाइबर ब्लड में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है.

अलसी

कई लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें अलसी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है. वहीं, इसके बारे में ज्यादा बात न होने की वजह से इसे अंडर रेटेड मान लिया गया है जबकि अलसी में ओमेगा-3 और फैटी एसिड पाया जाता है. शाकाहार करने वालों के लिए ओमेगा3 और फैटी एसिड सबसे अच्छा स्त्रोत है.

मशरूम

मशरूम का इस्तेमाल कई स्नैक्स में किया जाता है. मशरूम खाने से सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता ही मजबूत नहीं होती बल्कि यह सफेद रक्त कोशिकाओं के कार्य को बढ़ाकर शरीर के इम्युनिटी सिस्टम को बूस्ट भी करता है. कैंसर से बचाव के तौर पर भी मशरूम का इस्तेमाल किया जाता है.

गाजर

गाजर का काम शरीर में खून बढ़ाने के साथ कई हानिकारक बैक्टीरिया के साथ लड़ने का भी होता है. गाजर विटामिन ए, कैरोटिनाइड और एंटी ऑक्सीडेंट का स्रोत है. गाजर के सेवन से लंग कैंसर की संभावना कम होती है. मोतियाबिंद की शिकायत होने या आंखों के रोगों से बचने के लिए गाजर का सेवन करते रहना चाहिए.

टमाटर

टमाटर ऐसा फल है, जो लगभग हर भारतीय डिश में इस्तेमाल किया जाता है इसलिए यह सभी के घरों में आसानी से मिल जाता है. टमाटर एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) का लेवल कम करने में भी सहायक होता है. इसमें लाइकोपेन होता है, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज कर देता है, जिससे फ्री रेडिकल्स हमारे शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा पाते.

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