नई दिल्ली. यूबीसी के ओकागन कैंपस की नई रिसर्च के जरिए पता चला है कि अप-बीट म्यूजिक एक हार्ड वर्कआउट को आसान बना सकता है. संगीत आपको ज्यादा एक्टिव रहने में मदद करता है. मैथ्यू स्टॉर्क स्कूल जो ऑफ हेल्थ एंड एक्सरसाइज साइंसेज में पोस्टडॉक्टोरल फेलो हैं. उन्होंने हाल ही में एक अध्ययन प्रकाशित किया कि कैसे सही संगीत लैस-एक्टिव लोगों को अपने वर्कआउट को और बेहतर करने में मदद कर सकता है. संगीत की मदद से लोग इसका अधिक आनंद ले सकते हैं. हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) से बाकी वर्कआउट के मुकाबले – कई हफ्तों की ट्रेनिंग में शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार दिखाया गया है. लेकिन इसे कई लोगों के लिए भीषण माना जा सकता है खासकर उन लोगों के लिए जो कम सक्रिय हैं.

स्टॉर्क और यूबीसी ओकेगन के कैथलीन मार्टिन गिनिस ने अपनी पिछली रिसर्च में HIIT के दौरान संगीत के प्रभाव की मनोरंजक रूप से एक्टिव लोगों के साथ जांच की है. उनके नई रिसर्च में उन्होंने लैस-एक्टिव प्रतिभागियों के साथ संगीत के प्रभावों का परीक्षण किया. इस दौरन उन्होंने एक हाई बीट सॉन्ग का इस्तेमाल किया. इस अध्यन को ब्रुनेल यूनिवर्सिटी लंदन में स्टॉर्क ने संगीत और खेल पर एक विश्व प्रसिद्ध रिसर्च प्रोफेसर कोस्टास करेजोरगिस द्वारा किया गया. पहले स्टॉर्क ने 16 तेज़-गति वाले गीतों के प्रेरक गुणों को रेट करने के लिए ब्रिटिश वयस्कों का एक पैनल इकट्ठा किया. इस अध्यन के लिए स्टॉर्क ने उच्चतम प्रेरक रेटिंग वाले तीन गीतों का उपयोग किया था.

स्टॉर्क का कहना है, “संगीत का इस्तेमाल आमतौर पर एक सामाजिक रणनीति के रूप में किया जाता है. इसका मतलब है कि यह आपका ध्यान हृदय गति में वृद्धि या मांसपेशियों में दर्द जैसी शरीर की शारीरिक प्रतिक्रियाओं से दूर कर सकता है”. लेकिन हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग के साथ, ऐसा लगता है कि संगीत सबसे ज्यादा तब प्रभावी है जब इसमें तेज गति होती है और यह अत्यधिक प्रेरक भी है. इसके बाद स्टॉर्क ने 24 प्रतिभागियों का एक अलग ग्रुप बनाया. जिसे तीन 20-सेकंड ऑल-आउट स्प्रिंट, कुल 60 सेकंड की कड़ी मेहनत वार्म-अप और कूल-डाउन सहित 10 मिनट एक मिनट की कसरत के रूप में संदर्भित किया गया. प्रतिभागियों ने तीन अलग-अलग परिस्थितियों में ये HIIT वर्कआउट को पूरा किया- प्रेरक संगीत के साथ, कोई ऑडियो या कोई पॉडकास्ट और बिना संगीत के साथ था. प्रतिभागियों ने बताया कि उन्होंने नो-ऑडियो और पॉडकास्ट के साथ वर्कआउट की तुलना में संगीत के साथ वर्कआउट को उच्च हृदय गति और पीक पावर यानी तरम शक्ति के साथ पूरा किया.

स्टॉर्क का मानना ​​है कि बढ़े हुए दिल की दरों को एक घटना से समझाया जा सकता है जिसे एंटरटेंमेंट कहा जाता है. “मनुष्यों में संगीत की लय की ओर अपने जैविक लय की आवृत्ति को बदलने की एक जन्मजात प्रवृत्ति होती है. इस मामले मे हो सकता है कि तेज-गति वाले संगीत ने अभ्यास के दौरान लोगों की हृदय गति को बढ़ाया हो. स्टॉर्क ने कहा कि यह अविश्वसनीय है कि इतना शक्तिशाली संगीत हो सकता है”. स्टॉर्क की रिसर्च सले अंदाजा लगाया जा सकता कि लैस-एक्टिव लोगों के लिए संगीत न केवल HIIT के दौरान शारीरिक रूप से कठिन काम करने में मदद कर सकता है, बल्कि इससे उन्हें HIIT का अधिक आनंद लेने में भी मदद मिल सकती है.

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