दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में लगी आग ने लोगों में दहशत का माहौल फैला दिया है. आग लगने की वजह से 21 लोगों की मौत हो गई है. पहले भी इस तरह की आग लगने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, खासकर गर्मी के मौसम में एसी फटने की वजह से.
आग लगने के दौरान अक्सर लोग घबराहट में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे सुरक्षित बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. यहां 5 बातें बताई गयीं हैं, जिनका ध्यान रखने से इस तरह की दुर्घटना में अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.
ऊपरी मंजिलों की तरफ न भागें
आग लगने पर लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं. लेकिन ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है, खासतौर पर जब हम ऊपर की ओर भागते हैं. चूंकि धुआं हमेशा ऊपर की तरफ उठता है, इस वजह से ऊपरी मंजिल पर दम घुटकर जान जाने की संभावना अधिक होती है, इसलिए हमेशा नीचे की ओर भागें.
लिफ्ट का इस्तेमाल न करें
अगर किसी मल्टीस्टोर बिल्डिंग में आग लगे तो नीचे जाने के लिए कभी भी लिफ्ट का इस्तेमाल न करें. आग के कारण बिजली कट सकती है, जिससे आप लिफ्ट के अंदर ही फंस सकते हैं. इसके अलावा, लिफ्ट की शाफ्ट में धुआं भी तेजी से भरता है, जिससे कुछ ही देर में जान जा सकती है, इसलिए हमेशा सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें.
खिड़कियां न खोलें
अक्सर लोग आग लगने पर धुएं से बचने के लिए खिड़कियां खोल देते हैं, लेकिन इससे आग और तेजी से भड़क सकती है. दरअसल, खिड़की खोलने से बाहर की ताजी हवा अंदर आती है, जिससे अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिलने से आग तेज हो जाती है.
सामान बचाने के चक्कर में न पड़ें
जब भी आग लगने जैसी कोई बड़ी आपदा आती है, तो अधिकांश लोग घर के कीमती सामान, गहने, पैसे आदि बचाने में लग जाते हैं. यह एक बड़ी गलती है. आग लगने पर सामान बचाने की बजाय जान बचाने को प्राथमिकता दें और सबसे पहले खुद को और घर के लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं.
सामान के नीचे न छिपें
आग लगने पर घबराकर कभी भी घर के किसी बड़े सामान के नीचे छिपने की कोशिश बिल्कुल न करें. ऐसा करना बहुत ज्यादा खतरनाक हो सकता है. सामान में आग लगने या छत गिरने की स्थिति में आप वहां फंस सकते हैं. साथ ही जो लोग बचाने की कोशिश के लिए अंदर आएंगे उन्हें भी आपको ढूंढ़ने में मुश्किल होगी.