नई दिल्ली: गुड़ी पड़वा 2018 पर्व हर साल की तरह इस साल भी चैत्र महीने के पहले दिन मनाया जाता है. हर पर्व को मनाने के पीछे कुछ न कुछ कथा होती है ठीक उसी तरह गुड़ी पड़वा त्योहार को मनाने के पीछे कुछ पौराणिक कथाएं हैं. इस पर्व को मनाने के पीछे ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम ने रावण की लंका को जलाकर उसे पराजित किया था और वे अयोध्या लौटे थे.

एक अन्य कथा मुताबिक, इस दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि का निर्माण किया था और इसी दिन से मानव जीवन की भी शुरुआत हुई थी. महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है. गुड़ी पड़वा वाले दिन पूरन पोली या मीठी रोटी बनाई जाती है. पूरन पोली बनाते वक्त गुड़, नमक, नीम के फूल, इमली और कच्चा आम मिलाया जाता है. आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि गुड़ी पड़वा वाले दिन सूर्य की उपासना के साथ ही निरोगी जीवन, घर में सुख- समृद्धि और पवित्र आचरण की प्रार्थना की जाती है.

Happy Gudi Padwa messages and wishes in Telugu for 2018: अपने करीबी लोगों को भेजें तेलुगू मैसेज और विश करें हैप्पी गुड़ी पड़वा

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