नई दिल्ली.15 सितंबर को देश में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है. इंजीनियर्स डे को मोक्षागंडम विश्वेश्वरय्या की याद में मनाया जाता है. मोक्षागंडम विश्वेश्वरय्या एक महान इंजीनियर थे और उनके बेहतरीन कार्यों के लिए उन्हें 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. इस अवसर पर इंजीनियर के डिग्री होल्डर इस दिन को यादगार के तौर पर मनाते हैं. इस मौके पर लोग एक लोग एक दुसरे को इंजीनियर डे की फोटो व्हाट्सऐप और फेसबुक पर भेज सकते हैं, और बधाई दे सकते हैं.

कौन थे मोक्षागंडम विश्वेश्वरय्या

मोक्षागंडम विश्वेश्वरय्या एक महान इंजीनियर थे. देश भर में बने कई नदियों के डेम, ब्रिज और पीने के पानी की स्कीम को कामयाब बनाने के पीछे मोक्षागुंडम का बहुत बड़ा हाथ है. इन्हीं के कारण देश में पानी की समस्या दूर हुई थी. शिक्षा और इंजनीरिंग में मोक्षगुंडम का काफी अहम योगदान रहा है. उनका ध्यान शिक्षा, गरीबी और बोरोज़गारी से जुड़ी सम्सयाओं पर ज्यादा रहता था. मैसूर में उन्होंने अपने कार्यकाल में स्कूलों की संख्या 4,500 से बढ़ाकर 10,500कर दी थी. इसके अलावा उन्होंन कई कॉलेज भी खुलवाए ताकि देश के नौजवान अच्छी शिक्षा पा सकें.

15 सितम्बर 1961 को मैसूर में ब्राह्मिन परिवार में पैदा हुए मोक्षागुंडम ने 1885 में नासिक, पूना और देश के बाकी हिस्सों में असिसटेंट और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के तौर पर काम किया. 1909 में उन्होंने ब्रिटिश सर्विस से रिटायरमेंट ले ली और मैसूर रियासत में चीफ इंजीनियर का पद संभाला. 1913 में वे मैसूर के दीवान बने. वे साल 1927 से 1955 तक टाटा स्टील के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर भी रहे है.इनके सम्मान में बेंगलुरु में विश्वेश्वराया इंडस्ट्रीयल एंड टेकनोलॉजी म्यूज़ियम भी बनाया गया है. देश के लिए दी गई इनकी सेवाओं के चलते साल 1995 में इन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान भारत रत्न से नवाजा़ गया था.

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