नई दिल्ली: कॉम्पटिशन के इस दौर में माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर तो चिंतित रहते ही हैं, साथ ही एक्ट्रा कैलिकुलर एक्टिविटी और अच्छे गुण भी बच्चा सीखे इस बात पर भी अभिभावकों का खासा ध्यान होता है. अब तो गर्मी की छुट्टियां भी शुरू होने जा रही हैं. एक सिर दर्द और. नाना नानी, दादा दादी के घर तो घूमने जाना ही है, साथ ही कुछ अच्छा समर कैंप भी बच्चे के लिए मिल जाए तब तो सोने पर सुहागा है. हालांकि हम आपको यहां किसी समर कैंप की जानकारी देने नहीं जा रहे हैं, बल्कि इस गर्मी की छुट्टी में आप अपने बच्चे को क्या कुछ सिखा सकते हैं जोकी उसके भविष्य में भी काम आएगा कुछ ऐसे ही टिप्स हम आपसे साथ शेयर करने जा रहे हैं. 

हालांकि ये टिप्स चेन्नई के एक स्कूल का है जिसका नाम एनाई वायलट मैट्रिक एंड हायर सेकेंड्री स्कूल है, जिसने अपने स्कूल के पहली से पांचवीं क्लास के बच्चों के अभिभावकों के लिए असाइंमेंट दिया है. इसे पढ़ने के बाद हम भी काफी इंप्रेस हुए और चाहा की इसे आपके साथ भी साझा जरूर किया जाए. तो चलिए आप भी स्कूल द्वारा दिए गए इन असाइंनमेंट को देखिए और हो सके तो इस वेकेशन जरूर इसे फॉलो करें.

1- माता पिता को एक दिन में कम से कम दो बार बच्चों के साथ भोजन करना चाहिए और उन्हें अनाज का महत्व समझाना चाहिए की कैसे एक किसान खेतों में धूप-छांव की परवाह किए बगैर मेहनत करके अनाज को उगाता है और उसकी इस मेहनत के बाद हमारी थाली में खाना पहुंचता है. तो हमे जितनी भूख हो उतना भोजन अपनी थाली में परोसना चाहिए, उसे कभी बर्बाद नहीं करना चाहिए.

2- बच्चों को सिखाएं की जब भी वो खाना खाएं अपनी थाली को खुद से धोएं ताकी उन्हें इस बात का पता चल सके की असली मेहनत क्या होती हैं. 

3-बच्चे को रसोई घर में जानें से नहीं रोके. उन्हें वहां जाने दें और खुद का भोजन खुद से तैयार करना सिखाए, अपना फ्रूट सैलेड और वेजिटेबल सैलेड भी काटने की उनमें आदत डालें.

4- आज के समय में अंग्रेजी का प्रभाव तेजी से बढ़ता जा रहा है. सभी एग्जाम, कॉम्पटिशन से लेकर नौकरी के इंटरव्यू के लिए अंग्रेजी आना अनिवार्य हो गया है. तो ऐसे में अपने बच्चे तो इस गर्मी की छुट्टी से हर रोज पांच अंग्रेजी के वर्ड सिखाएं, इतना ही नहीं उसे अपनी नोट बुक में लिखने के साथ – साथ उसका वाक्य भी बनाने की आदत डालें. इससे बच्चे की अंग्रेजी दिन ब दिन बेहतर होती जाएगी और उसका शब्दों का भी ज्ञान बढ़ेगा.

5- बच्चों को कम से कम तीन से चार पड़ोसियों के घर भेजें और उनके साथ व्यवहार बनाने की आदत बच्चे में डाले. आज के समय में ज्यादातर बच्चे न्यूक्लियर फैमली में रहते हैं परिवार और रिश्ते की उन्हें अहमियत का अहसास नहीं होता. जब वो दूसरे के घर में जाएंगे तो वहां उन्हें कई रिश्तों से रू ब रू होने का मौका मिलेगा. इससे बच्चे में बात चीत, अच्छे व्यवहार के साथ साथ शेयर करने की भी आदत आएगी. 

6- बच्चे को दादा दादी या नाना नानी के घर पर जाने दें, अगर ऐसा नहीं हो पा रहा है तो उन्हें अपने घर पर बुलाएं और बच्चों को उनके साथ घुलने मिलने दें. दादा दादी से मिलने वाली शिक्षा और ज्ञान हर बच्चे के लिए जरूरी है. इतना ही नहीं  इससे बच्चे का भावनात्मक जुड़ाव भी होता है. उनके साथ बच्चे की तस्वीरें भी लें ताकी ये उसके यादगार पलों में से एक हो.

7- इस गर्मी की छुट्टी पर बच्चे को अपने ऑफिस लेकर जाएं और उसे बताएं की उसके पिता और मां नौकरी के दौरान कितनी मेहनत और ईमानदारी से काम करते हैं. 

8-  बच्चे को लोकल फेस्टिवल और पास की मार्केट में ले जाना नहीं भूले. मार्केट जाने पर कई दफा दुकानदार से बच्चे को भी इंनटरैक्ट होने दे, चीजे खरीदने दें इससे वो खुलेगा उसकी झिझक खत्म होगी. 

9-  पेड़ पौधों की हमारी जिंदगी में क्या महत्व ये भी बच्चे को समझाना ना भूलें. अगर पेड़ हमारी जिंदगी में ना हो तो इसका असर हमारी सेहत हमारी जिंदगी में किस तरह से पड़ेगा ये भी उन्हें जानकारी दें. इसके साथ ही साथ उनके हाथ से हो सके तो पौधे लगवाएं और हर रोज बच्चे से उनमें पानी भी दिलवाएं.

10-बच्चे को अपने बचपन की कहानी सुनाए अपने परिवार से जुड़ी कुछ ऐसी कहानी भी सुना सकते हैं तो उसके लिए प्रेरणा स्त्रोत हो. 

11- अपने बच्चे को इंडोर गेम के बजाय बाहर खेलने के लिए भेजें. इस दौरान अगर वो गिरते हैं उन्हें चोट आती है तो चिंता मत कीजिए, इससे उस वक्त उनके साथ-साथ आपको भी तकलीफ जरूर होगी लेकिन घर में सोफा कुशन पर बैठकर वो सिर्फ कमजोर और आलसी बनते हैं, बाहर जाकर खेलने से वो मजबूत और एक्टिव होंगे.

12-अगर आपका बच्चा किसी जानवर को घर लाता है तो उसे मत रोकिए, जानवर के साथ बच्चे भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं, उनका ध्यान रखना उनके बारे में सोचना इन सभी चीजें से बच्चा जानवरों के साथ साथ इंसाफ की भी परवाह करना सीखता है. 

13- संगीत से भी बच्चे का नाता जोड़िए. संगीत में जो सुकून हैं वो कहीं भी नहीं है. कहते हैं संगीत अकेलेपन का साथी है और इससे जुड़ने के बाद अकेलापन कोसो दूर रहता है. हो सके तो कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना भी सिखा सकते हैं आप अपने बच्चे को.

14- बच्चे के लिए कुछ स्टोरी बुक लाएं जिसमें खूब सारे कलरफुल पिक्चर भी हो. मौरल स्टोरी पढ़ने के बाद आपके बच्चे का शब्दों के ज्ञान बढ़ने के साथ साथ उसमें पढ़ने की भी आदत का विकास होगा. 

15- आमतौर पर माता-पिता अपने बच्चे को टीवी मोबाईल फोन और कम्प्यूटर से साथ छोड़ देते हैं, उन्हें ऐसा लगता है की वो फ्री हो गए और बच्चा टीवी या मोबाईल में व्यस्त हो गया लेकिन इस बार से ऐसा ना करें. मोबाईल टीवी और कम्प्यूटर के लिए तो बच्चे की पूरी जिंदगी पड़ी है. 

16- घर के खाने में जो बात और स्वाद है वो कही भी नहीं है. इस बात को अपने बच्चे को भी समझाएं, उसे टॉफी, चॉकलेट, फास्टफूड आईटम से दूर रखें. उसे समझाएं की ये सभी चीजें उसकी सेहत के लिए कितनी हानिकारक हैं. 

17- एक और बात जो सबसे ज्यादा जरूरी है. अपने बच्चे की आंखों में देखें और भगवान को इस तोहफे से लिए शुक्रिया कहना ना भूले और ऊपर वाले से अपने बच्चे के बेहतर भविष्य की कामना करें. वो ना सिर्फ पढ़ाई और दूसरे किसी एक्टिविटी में अच्छा करे, बल्कि वो एक अच्छा इंसान भी बनें, महिलाओं, बुजुर्गों का सम्मान करना सीखे. 

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