नई दिल्ली. दुनिया मेडिकल के क्षेत्र में जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, उसी तरह विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी अपने पैर पसार रही है. दरअसल, आजकल विश्व में एक ऐसा फंगस तेजी से फैलता जा रहा है जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं है. इससे अधिक खतरनाक तो यह है कि संक्रमित लोगों की मौत के बाद भी नहीं खत्म होता है. इस फंगस का नाम कैडिडा ऑरिस बताया गया है, जो अगर लग जाए तो एक शरीर से दूसरे शरीर में भी काफी तेजी से फैलकर अपनी चपेट में ले लेता है.

सबसे पहले एक बुजुर्ग व्यक्ति हुए थे कैंडिडा ऑरिस फंगस का शिकार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कैंडिडा ऑरिस नामक यह वायरस सबसे पहले एक वृद्ध मरीज ब्रुकलिन में मिला था. माउंट सिनाई हॉस्पिटल फॉर ऐब्डॉमिनल में सर्जरी के दौरान डॉक्टर्स को मालूम हुआ कि बुजुर्ग व्यक्ति किसी तरह के एक फंगस पीड़ित है.

डॉक्टर्स की मानें तो मरने के बाद भी शरीर नहीं छोड़ता यह फंगस
जब डॉक्टर्स ने इसकी जांच शुरू तो सामने आया कि कैंडिडा ऑरिस एक जानलेवा फंगस है और मरने के बाद भी लोगों के शरीर से खत्म नहीं होता है. जिसके बाद डॉक्टर्स ने बुजुर्ग मरीज को इन्टेन्सिव केयर यूनिट (आईसीयू) में शिफ्ट कर दिया था. हालांकि सिर्फ एक नहीं, इसके बाद लगातार कई ऐसे केस सामने आए.रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिका और यूरोप के बाद धीरे-धीरे इस फंगस के लक्षण एशिया के भारत, पाकिस्तान और दक्षिम अफ्रीका के कुछ मरीजों में नजर आया है.

90 दिनों की भीतर हो जाती है मौत
कैंडिडा ऑरिस फंगस को लेकर डॉक्टर्स का कहना है कि इससे जुड़े जितने भी मामले सामने आए हैं, उनमें सिर्फ 90 दिनों भीतर ही मरीजों की मौत हो गई. डॉक्टरों का मानना है कि यह फंगस अधिकतर उन लोगों को अपना शिकार बनाता है जिनका इम्यून सिस्टम होता है. डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में मौजूद लोगों, उपकरणों समेत दूसरी चीजों के आयात-निर्यात से भी यह तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक तेजी से फैलता जा रहा है.

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