नई दिल्ली. भारत सरकार की एचआईवी रोकथाम अभियान को कंडोम की कमी से बड़ा झटका लग सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक धन की कमी और खरीद के लिए जारी टेंडर में हुई देरी की वजह से राज्यों में मुफ्त कंडोम की आपूर्त्ति में अड़चनें आ गई है.
 
सरकार द्वारा हाल ही में जारी आंकडें के अनुसार पूरे देश में 31 शाखाओं में जनता को उपलब्ध कराने के लिए एक महीने से भी कम कंडोम का स्टॉक है. इससे असुरक्षित यौन संबंध और इंफेक्शन फैलने की संभावनाएं बढ़ गई है.
 
नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन(NACO) के अधिकारियों के अनुसार यह केंद्र सरकार की बजट में कमी और खरीद में देरी की वजह से हुआ है. मोदी सरकार ने एड्स कार्यक्रम में पांच फीसदी की कटौती की लेकिन राज्यों में प्रशासनिक दिक्कतों की वजह से यह उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.
 
सेक्स वर्कर्स के मुताबिक हालांकि मुफ्त कंडोम की बजाय कंडोम बाजार में कम दामों में उपलब्ध है. लेकिन महिलाएं इसे खरीदने से कतराती है, तो यह असुरक्षित यौन संबंध और उसके खतरों को बढ़ाएगा. 
 
ऑल इंडिया नेटवर्क ऑफ सेक्स वर्कर्स की अध्यक्ष कुसुम के अनुसार, ‘अगर मुफ्त कंडोम उपलब्ध नहीं कराए गए तो ज्यादातर आर्थिक रुप से कमजोर महिलाओं को असुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर होना होगा.’
 
बता दें कि भारत की एड्स रोकथाम कार्यक्रम को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन से प्रशंसा मिली है. ऑर्गनाइजेशन के अनुसार साल 2013 में भारत ने अपने एड्स रोकथाम कार्यक्रम के जरिए एक लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों को एचआईवी इंफेक्शन से बचाया था.
 

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