नई दिल्ली. अफ्रीका के कई देशों में लड़कियों को रेप से बचाने के लिए अमानवीय हरकतें की जाती हैं. इसमें लड़कियों को असहनीय पीड़ा और दर्द से गुजरना होता है. साउथ अफ्रीका, कैमरून और नाइजीरिया जैसी जगहों पर लड़कियों को रेप से बचाने के लिए स्तन विकसित होने की प्रक्रिया को रोक दिया जाता है. इन देशों के कई हिस्सों में लड़कियों के स्तनों को बढ़ने से रोकने के लिए 11 से 14 साल की उम्र के बीच उन्हें गर्म लोहे की छड़ों या गर्म पत्थर से दाग दिया जाता है.
 
डेली मेल में छपी खबर के अनुसार, ये वो प्रक्रिया होती है जिसमें लड़कियों के घरवाले, ज्यादातर मां या और कोई औरत उनके विकसित होते स्तनों को गर्म कोयले, हथौड़े या बड़े पत्थर से सपाट बनाती हैं. इसे ही अंग्रेजी में ब्रेस्ट आयरनिंग कहते हैं.
 
इस प्रक्रिया को होने में लगभग एक सप्ताह लगता है. संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में 3.8 मिलियन महिलाएं इससे पीड़ित हैं. 58 फीसदी मामलों में ब्रेस्ट आयरनिंग लड़कियों की मां ही करती हैं. 
 
अफ्रीका की महिलाओं का तर्क है कि लड़कियों की ब्रेस्ट आयरनिंग इसलिए की जाती है ताकि वे मर्दों की निगाहों से बच सकें और उनका रेप न हो. इसके अलावा अफ्रीका के कई देशों में खतना जैसी कुप्रथा भी प्रचलित है जिसमें लड़कियों को असहनीय पीड़ा और दर्द से गुजरना होता है. 

देश और दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक,गूगल प्लस, ट्विटर पर और डाउनलोड करें Inkhabar Android Hindi News App