सिडनी. क्या आप जानते हैं कि एमआरआई स्कैनिंग में लाइट देने के लिए हीरे के प्रयोग से कैंसर से होने वाले ट्यूमर का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है. ‘जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित एक रिसर्च में यह दावा किया गया है. 
 
ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी के डेविड रीली ने कहा कि, ‘हम जानते थे कि जहर रोधी और गैर प्रतिक्रियाशील गुणों के कारण नैनो हीरे का इस्तेमाल कैंसर रोगियों को कीमोथेरेपी के दौरान दवाएं देने के लिए कारगर है. क्योंकि ‘हीरे में चुम्बकीय गुण होते हैं, जिसके कारण हमने इसके जहर रोधी गुणों को विकसित करके इन्हें एमआरआई में लाइट हाउस (प्रकाश स्तंभ) के रूप मे इस्तेमाल करने के बारे में सोचा.’
 
इसके साथ ही रीली ने कहा कि, ‘यह एक अच्छा उदाहरण है, जो बताता है कि क्वांटम फिजिक्स के द्वारा कई समस्याओं का हल मिल सकता है. इस रिसर्च के बाद कैंसर के भयानक रोग होने से पहले ही उसे रोकने में मदद मिलेगी’
 

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