जोधपुर. बिहार के दशरथ मांझी को तो आप जरुर जानते हैं पर आप क्या जोधपुर के मांझी से मिले हैं. जी हां, जोधपुर में भी प्रेमसुखदास की वैसी ही कहानी है जैसे दशरथ मांझी की. जोधपुर के रहने वाले प्रेमसुखदास ने भी छैनी, हथौड़े से पहाड़ तोड़ डाला.
 
पहाड़ तोड़कर बनाया बांध:
जोधपुर से करीब कई किमी दूर नांदिया कलां में रहने वाले प्रेमसुखदास ने अपनी बुजुर्ग मां की तकलीफ दूर करने के लिए पहाड़ तोड़कर बांध बनाया. प्रेमसुखदास की मां को पानी ले जाने के लिए पहाड़ पर चढ़कर जाना पड़ता था. इसे देख प्रेमसुखदास ने पहले पहाड़ तोड़कर 60 फीट की गुफा मंदिर के लिए बनाई, और फिर बांध बनाकर पानी की बर्बादी रोकी.

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