नई दिल्ली. नवरात्र के नौ दिनों में दो या पूरे नौ दिन व्रत रखने को शुभ माना जाता है. कई लोग अपनी क्षमता के अनुसार पूरे नियमों के साथ व्रत रखते हैं. लेकिन, व्रत रखने के साथ-साथ रोजमर्रा के बाकी के काम भी वैसे ही चलते रहते हैं, जिसके लिए व्यक्ति को उतनी ही ऊर्जा की जरूरत होती है. इसलिए पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी हो जाता है. यहां हम ऐसे ही आहार के बारे में बता रहे हैं, जो आपको सेहतमंद बनाए रखेंगे.
 
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फल खाएं
व्रत के दौरान फल खाए जा सकते हैं. अलग-अलग फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल आदि की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है। जो भी फल आप खाएं वे ताजे होने चाहिए. फलों की चाट, उनका जूस और उन्हें दही के साथ भी खाया जा सकता है.
 
साबूदाना है फायदेमंद
व्रत के भोजन के तौर पर साबूदाना काफी फायदेमंद होता है. साबूदाने से मुख्य तौर पर कार्बोहाइड्रेट और साथ ही कैल्शियम और विटामिन सी भी मिलता है। वहीं, इसका स्वाद भी खाने में अच्छा लगता है. साबूदाने को खीर, पापड़ और खिचड़ी के तौर पर खाया जा सकता है.
 
ड्राई फ्रूट्स रखें ऊर्जावान
व्रत के दौरान ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू, बादाम, किशमिश, पिस्ता, अखरोट, मखाने और बादाम गिरी आदि खाए जा सकते हैं। ड्राई फ्रूट्स के सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है। कई लोग मेवों को खीर में डालकर भी खाते हैं. यह भी सेहत के लिए अच्छी होती है. 
 
पौष्टिक है आलू 
नवरात्रों के व्रत में आलू का सेवन किया जा सकता है. यह एक पौष्टिक आहार है. इसमें सबसे ज्यादा स्टार्च पाई जाती है. आप आलू उबालकर खा सकते हैं. आजकल बाजार मेंं आलू के चिप्स और पापड़ भी मिलने लगे हैं. कई लोग इन्हें व्रताहार के तौर पर खाते भी हैं लेकिन इन्हें सेहत के लिए फायदेमंद नहीं कहा जाता है.
 
दूध से बनी रहे ऊर्जा
दूध सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद माना जाता है. व्रत में भी दूध का सेवन आपको पोषण और ऊर्जा प्रदान करता है. दूध में कैल्शियम प्रचूर मात्रा में होता है और शरीर को कैलोरी देता है. आप दूध और दूध से बने हुए अन्य पदार्थ जैसे पनीर, दही, लस्सी और मट्ठे का सेवन भी कर सकते है। 
 
कुट्टू का आटा
नवरात्र में व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थ खाए जा सकते हैं। आप सिंघाड़े़ या कुट्टू के आटे की पकौड़ी या रोटी बनाकर खा सकते हैं। यह एक स्वादिष्ट आहार भी है. 
 
ध्यान दें
हालांकि, यह भी ध्यान दिया जाना जरूरी है कि कहीं हम पौष्टिक आहार लेने के चलते आम दिनों से भी ज्यादा आहार न ले लें. इसलिए सामान्य आवश्यकतानुसार ही खाना खाएं और ज्यादा तला-भुना खाने से बचें. तला हुआ खाना मोटापा बढ़ा देता है. वहीं, अगर आप बीमार हैं, तो व्रत न रखें. खाली पेट रहने से गैस बनती है इसलिए गर्भवती महिलाएं व्रत न रखें. मधुमेह के मरीजों को भी व्रत रखने से बचना चाहिए. व्रत में खाली पेट चाय या दूध पीने से बचें. पूजा के बाद जूस या नारीयल पानी पी लें.