नई दिल्ली. एलोवेरा को आम तौर पर ब्यूटी, स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद माना जाता है. एलोवेरा से कई तरह की बीमारियों का इलाज भी किया जाता है. कई लोग एलोवेरा का जूस तो कई इसका जेल इस्‍तेमाल करते हैं. लेकिन, ये जरूरी नहीं कि एलोवेरा हर स्थिती में आपके शरीर को फायदा ही पहुंचाए. एलोवेरा से निकलने वाला एलो-लेटेक्स सरदर्द, एलर्जी और कैंसर जैसी घातक बीमारी तक का कारण माना गाया है.
 
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एलोवेरा में पाए जाने वाला ‘एलो लेटेक्स’ से हो सकता है कैंसर
 
आपने एलोवेरा को तोड़ने के दौरान उसमें से निकलते हुए पीला जेल को देखा होगा. इस पीले जेल को एलो लेटेक्स कहते हैं. यही पीला पदार्थ कई सारी बीमारियों का कारण बनता है. यहां तक की कैंसर जैसी घातक बीमारी का भी. विशेषज्ञों की मानें तो एलोवेरस से निकालने वाला यह पीले रंग को लेटेक्‍स टॉक्सिक होता है. अगर इसमें थोड़ी-बहुत मात्रा में टॉक्सिक हो भी तो नजरअंदाज किया जा सकता है लेकिन इसके टॉक्सिक कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बनते हैं.
 
एलोवेरा का लेटेक्‍स हो सकता है खतरनाक
 
2011 में अमेरिका एनटीपी (नेशनल टॉक्सिकलॉजी प्रोग्राम) स्टडी की गई जिसमें अमेरिकी सरकार ने लैब में एलोवेरा का परीक्षण किया. इस परीक्षण में ये परिणाम प्राप्त हुआ की अगर आप हलवा, चटनी, जैम, मुरब्बा या सब्जी में एलोवेरा के लेटेक्‍स का इस्तेमाल करते हैं या जूस के द्वारा इसका सेवन करते हैं तो शरीर में कैंसर के कारक पैदा होने लगते हैं.
 
गर्भावस्था में एलो लेटेक्स का इस्तेमाल भूल कर भी ना करें. मैरीलैंड मेडीकल सेंटर यूनीवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार ये यूटेरिन कॉन्ट्रेक्शन पैदा करता है जिससे गर्भपात होने की संभावना पैदा हो जाती है.
 
कैसे करें यूज
सबसे पहले एलोवेरा की पत्‍ती को तोड़कर कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें. कुछ देर बाद इसका पीला पदार्थ यानी लेटेक्‍स पूरी तरह से निकाल जायें तो इसे अच्‍छे से धोकर इस्‍तेमाल करें.